Palmistry: जिस स्त्री-पुरुष के हाथ में है ऐसी रेखा, उनसे रहें जरा सावधान....
नई दिल्ली। हस्तरेखा शास्त्र एक ऐसा विज्ञान है जो व्यक्ति के हाथ में मौजूद बारीक से बारीक रेखा का अध्ययन करके यह बता सकता है कि उस व्यक्ति का स्वभाव कैसा है। उसकी रेखाएं ही उसके भविष्य और व्यक्तित्व का आइना होती हैं। इनमें सब तरह की रेखाएं होती हैं। कुछ अच्छी तो कुछ बुरी। अधिकांश लोग हाथ में भाग्य रेखा और जीवन रेखा की बात करते हैं कि उसका भविष्य कैसा, कितना धन आएगा, उसकी उम्र कितनी होगी। आमतौर पर खराब लाइनों के बारे में कोई बात नहीं करता।
हथेली में एक रहस्यमयी रेखा
हथेली में एक रहस्यमयी रेखा भी होती है जिसके बारे में अधिकांश लोग अनजान है। इस रेखा का संबंध व्यक्ति के संयम से होता है। अर्थात जिस व्यक्ति के हाथ में यह रेखा होती है वह संयम खो बैठता है। उसका खुद पर ही नियंत्रण नहीं रहता। इस रेखा को आम भाषा में 'असंयम रेखाट के नाम से जाना जाता है। अंग्रेजी में इसे लासवा लाइन कहा जाता है। लासवा शब्द लैसीवियस से बना है जिसका अर्थ होता है कामुकता। यह लाइन मुख्यत: बुध पर्वत के नीचे अर्धचंद्राकार रूप में होती है जो चंद्र पर्वत को शुक्र पर्वत से जोड़ती है। यह रेखा जिस स्त्री-पुरुष के हाथ में होती है, वे अति असंयमी होते हैं। ऐसे लोगों का खुद पर नियंत्रण नहीं रहता। मुख्यतया यह रेखा व्यक्ति की काम वासना से जुड़ी होती है। जिस स्त्री या पुरुष के हाथ में असंयम रेखा होती है वे सेक्स के मामले में उग्र होते हैं। ऐसे लोग सेक्स पाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।

विशेष शक्ति प्रदान करती है
हथेली में बुध रेखा या चंद्र रेखा के समानांतर एक छोटी रेखा चलती है। यह रेखा बुध रेखा को विशेष शक्ति प्रदान करती है और यह शक्ति केवल अधिक कामुकता के रूप में सामने आती है। चूंकि यह रेखा शुक्र तथा चंद्र पर्वतों को जोड़ने का काम करती है, इसलिए यह चंद्र तथा शुक्र का फल एक साथ प्रदान करती है। अगर इस रेखा वाले व्यक्ति के हाथ में मस्तिष्क रेखा कमजोर हो और उसका अंगूठा भी छोटा हो। तथा अंगूठे का पहला पर्व बड़ा हो जाए तो व्यक्ति काम वासना में अंधा हो जाता है।

शुक्र पर्वत
यदि यह रेखा जीवन रेखा को काटती हुई चंद्र पर्वत तक पहुंचती है और जीवन रेखा कमजोर होती है, तब ऐसा व्यक्ति अत्यधिक कामुकता के कारण अस्वस्थ रहता है। यदि यह रेखा भारी हाथ वाले व्यक्ति के हाथ में स्थित है और साथ ही उसका शुक्र पर्वत भी उन्न्त हो तब ऐसा व्यक्ति काम की तृप्ति में किसी नियम को नहीं मानता है। हस्तरेखा शास्त्र में चंद्र पर्वत को कल्पनाशक्ति, मानसिक तनाव का सूचक माना गया है। शुक्र को मादकता तथा उत्साह का सूचक माना गया है। इसी कारण इस रेखा का जब शुक्र से चंद्र तक का संबंध बनता है तो एक तरह से शुक्र व चंद्र की युति हो जाती है, जिससे व्यक्ति में मादक पदार्थों की ओर झुकाव बढ़ जाता है।

ऐसे इंसान की मानसिक शक्ति कमजोर होती है....
यदि कहीं मस्तिष्क रेखा चंद्र पर्वत की ओर झुकी हुई हो तो ऐसे व्यक्ति में मानसिक शक्ति कमजोर हो जाती है। वह हकीकत के मुकाबले कल्पना में अधिक जीवन जीता है। ऐसे में यदि हाथ में असंयम रेखा भी है तो व्यक्ति कितना ही बुद्धिमान क्यों ना हो वह जरा सी बात में उग्र हो जाता है और किसी पर यौन हमला भी कर सकता है।

असंयम रेखा पर जगह-जगह क्रॉस का चिन्ह बना होता है तो....
जिस व्यक्ति के हाथ में डबल असंयम रेखा होती है वह दुष्कर्मी, दुराचारी और भयानक नशे का आदी होता है। ऐसा व्यक्ति अपने नशे की लत पूरी करने के लिए किसी की जान भी लेने में पीछे नहीं हटता। इसका खुद पर से नियंत्रण पूरी तरह टूट जाता है। जिस व्यक्ति के हाथ में असंयम रेखा पर जगह-जगह क्रॉस का चिन्ह बना हुआ हो वह व्यक्ति नशे की हालत में पानी में डूबकर मर जाता है।












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