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Palmistry: हस्तरेखा शास्त्र में क्यों महत्वपूर्ण मानी गई है कामुकता रेखा

नई दिल्ली। हस्तरेखा शास्त्र में हथेली में मौजूद प्रत्येक बड़ी से लेकर सूक्ष्म रेखा, चिन्ह, पर्वत आदि का आकर-प्रकार, लंबाई देखकर व्यक्ति के भूत, वर्तमान और भविष्य का पता लगाया जाता है। रेखाएं देखकर व्यक्ति के व्यवहार को भी समझा जा सकता है ताकि भविष्य में यदि उससे किसी प्रकार का संबंध जोड़ना हो तो सतर्क रहा जा सके। हस्तरेखा शास्त्र में वैसे तो प्रत्येक रेखा का अपना-अपना महत्व होता है, लेकिन एक ऐसी रेखा होती है जिससे व्यक्ति की कामुकता का पता लगता है। व्यक्ति का कामुक होना अच्छी बात है क्योंकि उसी से वह विवाह के बाद दांपत्य जीवन को सुखी बना पाता है। लेकिन यदि व्यक्ति अतिकामुक है तो वह उसके और परिवार के लिए ठीक नहीं होता है। क्योंकि अतिकामुक व्यक्ति के अनेक स्त्री या पुरुषों से संबंध हो सकते हैं। हस्तरेखा शास्त्र में इसी कामुकता रेखा को असंयम रेखा के नाम से भी जाना जाता है।

कहां होती है यह रेखा

कहां होती है यह रेखा

कामुकता रेखा मुख्यत: बुध पर्वत के नीचे अर्धचंद्राकार रूप में होती है, जो चंद्र पर्वत को शुक्र पर्वत से जोड़ती है। यह रेखा जिस स्त्री-पुरुष के हाथ में होती है, वे अति असंयमी होते हैं। ऐसे लोगों का खुद पर नियंत्रण नहीं रहता। मुख्यतया यह रेखा व्यक्ति की काम वासना से जुड़ी होती है। जिस स्त्री या पुरुष के हाथ में असंयम रेखा होती है वे यौन संबंधों के मामले में उग्र होते हैं। ऐसे लोग विपरित लिंगी व्यक्ति से यौन संबंध बनाने के लिए हिंसक भी हो जाते हैं।

ऐसे बनते हैं योग

ऐसे बनते हैं योग

  • यदि हथेली में बुध रेखा या चंद्र रेखा के समानांतर एक छोटी रेखा चलती हो। यह रेखा बुध रेखा को विशेष शक्ति प्रदान करती है और यह शक्ति केवल अधिक कामुकता के रूप में सामने आती है। चूंकि यह रेखा शुक्र तथा चंद्र पर्वतों को जोड़ने का काम करती है, इसलिए यह चंद्र तथा शुक्र का फल एक साथ प्रदान करती है। अगर इस रेखा वाले व्यक्ति के हाथ में मस्तिष्क रेखा कमजोर हो और उसका अंगूठा भी छोटा हो। तथा अंगूठे का पहला पर्व बड़ा हो जाए तो व्यक्ति काम वासना में अंधा हो जाता है।
  • यदि यह रेखा जीवन रेखा को काटती हुई चंद्र पर्वत तक पहुंचती है और जीवन रेखा कमजोर होती है, तब ऐसा व्यक्ति अत्यधिक कामुकता के कारण अस्वस्थ रहता है।
शुक्र पर्वत भी उन्न्त हो तब...

शुक्र पर्वत भी उन्न्त हो तब...

  • यदि यह रेखा भारी हाथ वाले व्यक्ति के हाथ में स्थित है और साथ ही उसका शुक्र पर्वत भी उन्न्त हो तब ऐसा व्यक्ति काम की तृप्ति में किसी नियम को नहीं मानता है।
  • यदि कहीं मस्तिष्क रेखा चंद्र पर्वत की ओर झुकी हुई हो तो ऐसे व्यक्ति में मानसिक शक्ति कमजोर हो जाती है। वह हकीकत के मुकाबले कल्पना में अधिक जीवन जीता है। ऐसे में यदि हाथ में असंयम रेखा भी है तो व्यक्ति कितना ही बुद्धिमान क्यों ना हो वह जरा सी बात में उग्र हो जाता है और किसी पर यौन हमला भी कर सकता है।
  • जिस व्यक्ति के हाथ में डबल असंयम रेखा होती है वह दुष्कर्मी, दुराचारी और भयानक नशे का आदी होता है।

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