Palmistry: प्रेम और विवाह के राज खोलती है एक छोटी सी रेखा
नई दिल्ली। हथेली में जीवन रेखा, हृदय रेखा, मस्तिष्क रेखा और भाग्य रेखा के समान ही महत्वपूर्ण होती है विवाह रेखा। विवाह रेखा से व्यक्ति के प्रेम प्रसंग और विवाह के बारे में जानकारी हासिल की जाती है। यह रेखा सबसे छोटी अंगुली (कनिष्ठिका) के नीचे बुध पर्वत पर हथेली के बाहर से भीतर की ओर आती हुई क्षैतिज रेखा होती है। यह रेखा एक से अधिक भी हो सकती है। इसका बारीकी से अध्ययन करके व्यक्ति की वैवाहिक स्थिति और प्रेम प्रसंगों के बारे में आसानी से पता लगाया जा सकता है।
आइए जानते हैं विवाह रेखा की किस स्थिति का क्या परिणाम होता है....

रेखाएं प्रेम-प्रसंग की संख्या बताती है
- हथेली में एक से अधिक विवाह रेखाएं प्रेम-प्रसंग की संख्या बताती है। यह रेखा यह भी बताती है कि आपका वैवाहिक जीवन कैसा रहेगा। यदि विवाह रेखा नीचे की ओर बहुत अधिक झुकी हुई हो तो वैवाहिक जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
- यदि किसी व्यक्ति के दोनों हाथों में विवाह रेखा के आरंभ में दो शाखाएं हो तो उस व्यक्ति की शादी टूटने का भय रहता है।
- विवाह रेखा अगर बीच में टूटी हो तो यह विवाह टूटने का संकेत होता है। इसके लिए हथेली के दूसरे चिह्नों पर भी विचार करना चाहिए।
- यदि दाएं हाथ में दो विवाह रेखा है और बाएं हाथ में एक विवाह रेखा है तो ऐसे लोगों की पत्नी अपने पति का अधिक ध्यान रखने वाली नहीं होती है।

वैवाहिक जीवन
- दोनों हाथों में विवाह रेखा समान लंबाई की और समान शुभ लक्षणों वाली हो तो ऐसे लोगों का वैवाहिक जीवन सुखी होता है।
- यदि किसी व्यक्ति की हथेली में विवाह रेखा सूर्य पर्वत तक जा रही हो तो यह समृद्ध जीवनसाथी का प्रतीक है।
- यदि बुध पर्वत से आई हुई कोई रेखा विवाह रेखा को काट दे तो व्यक्ति का वैवाहिक जीवन परेशानियों भरा होता है।
- यदि किसी व्यक्ति के हाथ में विवाह रेखा ऊपर की ओर मुड़ रही हो और छोटी अंगुली के तल तक पहुंच जाए तो ऐसे व्यक्ति के विवाह में काफी परेशानियां आती हैं। आमतौर पर ऐसी विवाह रेखा वाले इंसान का विवाह होना बहुत मुश्किल होता है यानी इन लोगों के अविवाहित रहने की संभावनाएं काफी अधिक होती हैं।
- यदि विवाह रेखा के अंत में त्रिशूल के समान चिन्ह दिखाई दे रहा है तो व्यक्ति अपने जीवनसाथी से बहुत अधिक प्रेम करने वाला होता है।
- यदि विवाह रेखा को कोई खड़ी रेखा काट रही है तो यह विवाह में देरी और बाधाओं का संकेत है।
- ऊपर की ओर मुड़ी हुई विवाह रेखा शुभ नहीं मानी जाती है। यदि ये रेखा थोड़ी सी ऊपर की ओर मुड़ गई है तो व्यक्ति का विवाह होने में बहुत बाधाएं आती हैं और विवाह हो भी जाता है तो वैवाहिक जीवन सुखी नहीं कहा जा सकता है।
- यदि किसी स्त्री के हाथ में विवाह रेखा के आरंभ में द्वीप का चिन्ह बना हुआ हो तो उसका विवाह किसी धोखे से होने की संभावना रहती है। यह निशान जीवनसाथी के खराब स्वास्थ्य की ओर भी इशारा करता है।
- यदि किसी व्यक्ति के हाथ में विवाह रेखा बहुत अधिक नीचे की ओर झुकी हुई दिखाई दे रही है और वह हृदय रेखा को काटते हुए और नीचे चली जाए तो यह शुभ लक्षण नहीं माना जाता है। ऐसी रेखा वाले व्यक्ति का जीवनसाथी उसका साथ छोड़ देता है।
- यदि विवाह रेखा के अंत में दो शाखाएं हो जाए तो यह पति-पत्नी के बीच वैचारिक मतभेद पैदा करती है।
- यदि किसी पुरुष के बाएं हाथ में दो विवाह रेखा है और दाएं हाथ में एक विवाह रेखा है तो ऐसे लोगों की पत्नी श्रेष्ठ गुणों वाली सेवाभावी होती है।

त्रिशूल के समान चिन्ह













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