Mars Effect: वक्री मंगल के दोष से बचाएंगे ये सिद्ध उपाय
नई दिल्ली। मंगल 27 जून से वक्री हो रहा है। अपनी उच्च राशि मकर में यह ग्रह 27 अगस्त तक वक्री रहेगा। इस दौरान सभी राशियां प्रभावित होने वाली हैं। मंगल मूलत: शारीरिक बल, शौर्य, साहस, रक्त, मज्जा, मांस आदि का प्रतिनिधित्व करता है। अर्थात इन पर मंगल का अधिकार होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगल के वक्री होने से व्यक्ति के वैवाहिक जीवन, यौन सुख पर सबसे अधिक असर पड़ता है।
मंगल पुरुषत्व का प्रतिनिधि ग्रह
चूंकि मंगल पुरुषत्व का प्रतिनिधि ग्रह है इसलिए यह व्यक्ति की ताकत, शक्ति, उत्साह, स्त्रियों के प्रति आकर्षण, झुकाव, संभोग की शक्ति एवं विवाह के प्रति रूझान के बारे में बताता है। जब मंगल वक्री होता है तब पुरुष सगाई, विवाह या अपने जीवनसाथी के प्रति गलत निर्णय ले बैठते हैं बाद में जीवनभर पछताते रहते हैं। यदि किसी स्त्री की कुंडली में मंगल वक्री है तथा गोचर में भी वह वक्री हो तो उस स्त्री की विवाह के प्रति, यौन संबंधों के प्रति इच्छाएं पूरी तरह खत्म हो जाती है। वक्री मंगल की दशा या अंतर्दशा में व्यक्ति का लोगों से अधिक मतभेद हो सकता है या वह मुकदमेबाजी और कोर्ट कचहरी के चक्करों में फंस सकता है।

वक्री मंगल में ये बिलकुल न करें
- वक्री मंगल के बुरे प्रभावों से बचने के लिए कुछ उपाय अवश्य करना चाहिए। वक्री मंगल की दशा या अंतर्दशा में वाद-विवाद से बचना चाहिए।
- अपने निवास स्थान पर घातक वस्तुओं, हथियारों का भंडारण न करें।
- मंगल के वक्री होने के समय कोई नया वाहन या नई संपत्ति नहीं खरीदने की सलाह दी जाती है।
- वक्री मंगल की दशा में गृह प्रवेश नहीं करना चाहिए।
- अगर संभव हो और कोई इमर्जेंसी ना हो तो किसी भी प्रकार का ऑपरेशन या सर्जरी नहीं करवाना चाहिए।
- इस समय नया मुकदमा आरंभ करना उचित नहीं होता, क्योंकि इससे धन का नाश और संताप ही प्राप्त होगा।
- मंगल की वक्रता में छल कपट धोखा देना व्यक्ति के स्वभाव में देखा जा सकता है।
- मंगल की वक्रता में मंगल के मंत्र 'ऊं भौमाय नम:' का लगातार मानसिक जाप करते रहना चाहिए।
- हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करें। हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं।
- बंदरों को गुड़-चने खिलाने से मंगल प्रसन्न् होते हैं।
- मंगल को प्रसन्न् करने और उसकी पीड़ा शांत करने के लिए देवी दुर्गा की आराधना भी की जाती है।
- वक्री मंगल का सबसे ज्यादा असर आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। आर्थिक नुकसान से बचने, संपत्ति की रक्षा और व्यापार व्यवसाय को हानि से बचाने के लिए मंगल के वक्री होने से ठीक पहले के मंगलवार से यह प्रयोग प्रारम्भ करें। मंगल 27 जून को वक्री होगा, इससे ठीक पहले का मंगलवार 26 जून को आ रहा है। इस मंगलवार को सुबह हनुमान मंदिर में चोला चढ़ाएं, हनुमान जी को शुद्ध घी से बने हलवे का भोग लगाएं। इसके बाद प्रत्येक मंगलवार को हलवे का भोग हनुमान जी को लगाते रहें।
- मंगल के वक्री होने के कारण स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी आती हैं क्योंकि मंगल रक्त और मांस पर अधिकार रखता है। इस संकट से बचने के लिए मंगलवार को किसी दुर्गा मंदिर में आटे के पांच दीपक लगाएं। दुर्गा चालीसा का पाठ करें और 9 कन्याओं को खीर खिलाएं।
- मंगल के वक्रत्व काल के दौरान लाल मूंगे से बने गणपति का पेन्डेन्ट धारण करना शुभ रहता है।
- मंगलवार के दिन मसूर की दाल शिवलिंग पर अर्पित करने से मंगल से जुड़े सारे दोष समाप्त हो जाते हैं।
- मंगलवार को किसी सिद्ध हनुमान प्रतिमा पर से थोड़ा सा सिंदूर लाकर अपने घर के मुख्य द्वार पर स्वस्तिक बनाने से मंगल के दोष घर में प्रवेश नहीं करते। घर और उसमें रहने वाले सभी सदस्यों का संकटों से बचाव होता है।

क्या उपाय करें

देवी दुर्गा की आराधना













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