Motivational Story: नींद कभी बेवजह नहीं उड़ती, इसके पीछे हैं ये चार कारण

नई दिल्ली। भारतीय महाकाव्य महाभारत का हर पन्ना अपने आप में ज्ञान का संसार और सांसारिक जीवन का ज्ञान समेटे हुए है। महाभारत का हर पात्र जीवन का एक नवीन कलेवर प्रस्तुत करता है। यही कारण है कि इतनी विस्तृत पात्र श्रृंखला होने के बावजूद भी महाभारत का हर पात्र हमारी यादों में जीवंत है। हर पात्र हमें जीवन का एक गहन पाठ पढ़ाता हुआ याद रह जाता है। महाभारत के प्रमुख पात्रों में हस्तिनापुर सम्राट धृतराष्ट्र और महामंत्री विदुर से हर भारतीय परिचित है। एक तरफ जहां धृतराष्ट्र अपने स्वार्थ की पराकाष्ठा के कारण जाने जाते हैं, तो दूसरी तरफ विदुर जी का अपरिमित ज्ञान और नीतियां उन्हें सभी पक्षों के बीच सम्माननीय बनाती हैं।

 नींद कभी बेवजह नहीं उड़ती, इसके पीछे हैं ये चार कारण

आज इन्हीं दोनों के बीच का एक सुंदर घटनाक्रम जानते हैं, जो मनोरंजक होने के साथ- साथ ज्ञानवर्द्धक और प्रासंगिक भी है...

यह उस समय की बात है, जब पांडवों और कौरवों के बीच युद्ध लगभग तय हो चुका था और पांडवों का संदेश लेकर सारथी संजय हस्तिनापुर वापस आ चुके थे। अगले दिन सुबह वे भरी सभा में पांडवों का उत्तर सुनाने वाले थे। इससे पहले की रात सम्राट धृतराष्ट्र के लिए अत्यंत कष्टकारी हो रही थी। वे किसी भी तरह सो नहीं पा रहे थे। हर तरह से विचलित होने पर उन्होंने महामंत्री विदुर को बुला भेजा। उनके आने पर धृतराष्ट्र ने कहा- विदुर जी! हर तरह से प्रयास कर लिया, पर नींद आती ही नहीं, उड़ ही गई है, चैन मिलता ही नहीं। क्या कारण है और निदान क्या है?

4 तरह के मनुष्यों को नींद नहीं आती

महाराज की बात सुन विदुर जी बोले- महाराज! इस संसार में 4 तरह के मनुष्यों को नींद नहीं आती। आप भी उनका विश्लेषण सुन लें और जान लें कि आप इनमें से कौन-से कारण से विचलित हैं। तब आप कारण और निदान दोनों जान जाएंगे, तो सुनिए महाराज-

  • जिस व्यक्ति ने अपने से अधिक शक्तिशाली शत्रु बना लिया हो, वह हर पल चिंतित रहता है कि शत्रु का अगला वार क्या होने वाला है। ऐसे व्यक्ति को कभी चैन की नींद प्राप्त नहीं हो सकती। एकमात्र स्थिति यही है कि किसी तरह उस शत्रु का नाश हो जाए, तभी वह व्यक्ति आराम पा सकता है।
  • जिस व्यक्ति में काम भावना जाग गई हो, वह बिना इच्छापूर्ति किए चैन से नहीं सो सकता। अपनी इस इच्छा को पूरा करने के लिए वह सही, गलत का अंतर तक भूल जाता है। अपनी इच्छाओं को संयमित किए बिना इस स्थिति से पार नहीं पाया जा सकता।
  • जिस व्यक्ति का सब कुछ छीन लिया गया हो, वह दाह के कारण नहीं सो पाता। उसके मन में पूरे समय यही विचार चलता है कि कैसे अपना सब कुछ वापस पाऊं? जब वह अपना इच्छित वापस पा लेता है, बस, तभी वह चैन से सो पाता है।
  • जिस व्यक्ति की प्रवृत्ति चोरी करने की होती है, वह जीवनभर चैन से नहीं सो पाता। वह रात में चोरी करता है और दिन भर चिंता में रहता है कि कहीं उसकी चोरी पकड़ी ना जाए। ऐसे व्यक्ति के लिए नींद ना आने का कोई निदान नहीं है।

संभावित संघर्ष की चिंता ही उन्हें सोने नहीं दे रही

विदुर की बातें सुनकर महाराज समझ गए कि पांडवों से अपने पुत्रों के संभावित संघर्ष की चिंता ही उन्हें सोने नहीं दे रही है। वे यह भी जानते थे कि इस युद्ध को टाला नहीं जा सकता और उनका मन जानता था कि परिणाम किस पक्ष में जाने की संभावना अधिक है। अब वे जान चुके थे कि आज ही क्या, अब वे कभी चैन की नींद नहीं सो पाएंगे।

शिक्षा

दोस्तों, नींद तो हम सबकी कभी-ना-कभी उड़ती है। उस दौरान हुई परेशानी, बेचैनी असह्य होती है। तो जब भी आपकी नींद उड़े, विदुर के वचन याद करें और सोचें कि क्या कारण है, जो नींद आप से रूठी हुई है और कारण का उचित निदान करने का प्रयास करें।

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