Aaj Ka Panchang: आश्लेषा राशि ,राजा बृहस्पति, क्या है शुभ मुहूर्त?

Aaj Ka Panchang: पंचांग का प्रयोग शुभ मुहूर्त निकालने, त्योहारों की तिथि तय करने, व्रत-उपवास करने और ग्रहों की स्थिति जानने के लिए किया जाता है। आइए जानते हैं कि आज के पंचांग में क्या खास है?

Aaj Ka Panchang

🌅 सौर और चंद्र समय परिवर्तन

🌅 भोर (सूर्योदय) सुबह 05:08 🌇 गोधूलि बेला (सूर्यास्त) शाम 6:51
🌙 चंद्रोदय सुबह 9:31 बजे 🌛 चंद्रोदय रात 10:37

🌀 मूलभूत ज्योतिषीय गुण (पंचांग)

🌙 चंद्र कला (तिथि) पंचमी का चरण दोपहर 4:59 बजे तक सक्रिय रहेगा, इसके बाद षष्ठी का चरण शुरू हो जाएगा।
⭐ ब्रह्मांडीय नक्षत्र (नक्षत्र) आश्लेषा राशि सुबह 10:06 बजे तक रहती है, उसके बाद माघ राशि आती है।
🌀 दिव्य मिलन (योग) हर्षना दोपहर 2:53 बजे तक चलती है, जिसके बाद वज्र योग होता है।
⚙️ अर्ध-तिथि चक्र (करण) बावा सुबह 05:53 बजे तक सक्रिय रहता है, बलवा शाम 04:59 बजे तक चलता है, कौलावा 20 जून को सुबह 04:17 बजे तक बना रहता है, जिसके बाद तैतिला सक्रिय हो जाता है।
📅 सप्ताह का दिन शुक्रवार
🌓 चंद्र पक्ष (पखवाड़ा) शुक्ल पक्ष (चंद्रमा का बढ़ता हुआ, चमकीला चरण)।

📜 ब्रह्मांडीय कैलेंडर और वैदिक युग

🔱 विक्रम संवत युग वर्ष 2083 (सिद्धार्थ चक्र) 🪐 बृहस्पति वर्ष (समवत्सर) सिद्धार्थी चक्र 21 अप्रैल, 2026 को दोपहर 03:53 बजे तक सक्रिय रहेगा, जिसके बाद यह रौद्र चक्र में परिवर्तित हो जाएगा।
🔱 शक एरा संवत वर्ष 1948 (परभाव चक्र) 📅 क्षेत्रीय गुजराती संवत वर्ष 2082 (पिंगला चक्र)
🌙 चंद्र माह (पूर्णिमांत) ज्येष्ठ माह 🌙 चंद्र माह (अमंता) ज्येष्ठ माह
☀️ सौर दिवस (प्रविष्टे) दिन 5

👑 वर्ष 2083 की ग्रहीय सभा

👑 दिव्य राजा बृहस्पति ⚔️ कमांडर-इन-चीफ चंद्र (चंद्रमा)
⚜️ कैबिनेट प्रधानमंत्री मंगल ग्रह 🌻 रबी हार्वेस्ट लॉर्ड बुद्ध (बुध)
🌾 खरीफ फसल के स्वामी बृहस्पति 🌧️ मौसम और बारिश का नियम चंद्र (चंद्रमा)
💰 अर्थव्यवस्था और धन के स्वामी बृहस्पति 🪙 खनिज संसाधन शासक बृहस्पति
🍯 तरल पदार्थ और रस का शासक शनि (शनि) 🍎 वनस्पति और फल भगवान चंद्र (चंद्रमा)

🦁 ज्योतिषीय राशियाँ और नक्षत्र

🌙 चंद्रमा का पारगमन (चंद्र राशि) कर्क (कैंसर) राशि सुबह 10:06 बजे तक प्रभावी रहेगी, उसके बाद सिंह (सिंह) राशि का प्रभाव बढ़ेगा।
☀️ सूर्य का पारगमन (सूर्य राशि) मिथुन
✨ सूर्य का तारामंडल मृगशिरा तारामंडल
☄️ सोलर क्वार्टर (पाडा) मृगशिरा नक्षत्र का चौथा भाग (पाद)।
⭐ चंद्र चतुर्थांश (पाद परिवर्तन) अश्लेषा चतुर्थ पाद प्रातः 10:06 बजे तक प्रबल रहेगा;
माघ प्रथम पद दोपहर 03:52 बजे तक रहेगा;
माघ द्वितीय पद रात्रि 09:40 बजे तक रहेगा;
माघ तृतीय पद प्रातः 03:31 बजे (जून 20) तक रहेगा;
इसके बाद माघ चतुर्थ पद आता है।

🌦️ संक्रांति, ऋतुएँ और दिन की अवधि

🌡️ परिकलित ऋतु (ड्रिक ऋतु) ग्रीष्म ऋतु (ग्रीष्म ऋतु) 📜 पारंपरिक ऋतु (वैदिक ऋतु) ग्रीष्म ऋतु (ग्रीष्म ऋतु)
🔄 सोलर कोर्स (ड्रिक अयाना) उत्तरायण (उत्तरी पारगमन) 🧭 वैदिक पाठ्यक्रम (वैदिक आयन) उत्तरायण (उत्तरी पारगमन)
☀️ कुल दिन अवधि (दिनमान) 13 घंटे, 42 मिनट, 56 सेकंड 🌙 रात्रिमाना की कुल अवधि 10 घंटे, 17 मिनट, 14 सेकंड
🕛 दोपहर (मध्यना) सुबह 11:59

✨ शुभ ज्योतिषीय मुहूर्त

✨ सृष्टिकर्ता मुहूर्त (ब्रह्म मुहूर्त) सुबह 03:46 से 04:27 तक 🌅 मॉर्निंग डॉन जंक्शन सुबह 04:06 से 05:08 तक
🌞 चरम क्षण (अभिजीत) सुबह 11:32 से दोपहर 12:27 तक 🏆 विजय काल (विजया) दोपहर 2:17 से दोपहर 3:11 तक
🌆 गोधूलि (शाम की रोशनी) शाम 6:50 से शाम 7:10 तक 🌌 शाम की धुंध का संगम शाम 6:51 से शाम 7:53 तक
🧪 अमृत कलम (नेक्टर विंडो) सुबह 8:36 से 10:06 बजे तक 🌙 शुभ रात्रि शिखर (निशिता) रात 11:39 बजे से रात 12:20 बजे तक (जून 2020)
☀️ सामंजस्यपूर्ण सौर दिवस (रवि योग) सुबह 10:06 बजे से सुबह 05:08 बजे तक (20 जून)

⚠️ ग्रहों की चेतावनीपूर्ण अवधियाँ

🚫 राहु काल (छाया काल) सुबह 10:16 से 11:59 तक ⚠️ अशुभ काल (यमगंडा) दोपहर 3:25 से शाम 5:08 तक
⏰ बाधा खिड़की (गुलिकई कलाम) सुबह 6:51 से 8:34 तक ⚡ संघर्ष योग (विदाल योग) सुबह 10:06 बजे से सुबह 05:08 बजे तक (20 जून)
❌ बचाव का अवसर (वरज्यम) रात 9:46 से 11:19 तक 🥀 प्रतिकूल समय (दूर मुहूर्तम) सुबह 7:52 से 8:47 तक
दोपहर 12:27 से दोपहर 1:22 तक
🌀 अस्थिर तारे (गंडा मूला) असल में पूरा दिन 🏹 ब्रह्मांडीय संरेखण (बाण) राजा चरण शाम 5:29 बजे से शुरू होकर पूरी रात जारी रहेगा।

🧭 दिशाएँ और दिव्य निवास

🔥 पवित्र भेंट (होमाहुति) बुद्ध (बुध) से संबंधित 🚩 यात्रा प्रतिबंध (दिशा स्कूल) पश्चिम
🌋 अग्नि तत्व का निवास (अग्निवास) पृथ्वी पर दोपहर 4:59 बजे तक, उसके बाद आकाश में स्थानांतरण होगा। 🌙 चंद्रमा का निवास स्थान (चंद्र वास) यह सुबह 10:06 बजे तक उत्तर दिशा में रहता है, फिर रात के लिए पूर्व दिशा में चला जाता है।
🔱 भगवान शिव का निवास स्थान (शिववास) कैलाश पर्वत पर दोपहर 4:59 बजे तक रहेंगे, उसके बाद नंदी पर्वत की ओर प्रस्थान करेंगे। 🐉 राहु की स्थिति (राहु वासा) दक्षिण पूर्व
🏺 ज्योतिषीय ग्रिड (कुंभ चक्र) यह सुबह 10:06 बजे तक पूर्व दिशा में स्थित रहेगा, बाद में दक्षिण की ओर स्थानांतरित हो जाएगा।

🪐 व्यवस्थित पंचांग और ऐतिहासिक कैलेंडर

🌌कलियुग पूर्ण युग 5127 वर्ष 🔭 लाहिड़ी ऑफसेट (अयनांश) 24.233496
🧮 काली आहारगना (बीते दिन) 1,872,745 दिन 🗓️ पासे की गिनती की दर 739,786 दिन
📅 जूलियन कैलेंडर के समकक्ष तिथि 6 जून, 2026 ईस्वी ⏳ युग जूलियन दिवस 2461210.5 दिन
🇮🇳 राष्ट्रीय भारतीय नागरिक कैलेंडर ज्येष्ठ 29, 1948 शक 🍂 राष्ट्रीय निरयण तिथि आषाढ़ 05, 1948 शक
⏱️ जूलियन डे को समायोजित किया गया 61,210 दिन

🔋 दिव्य शक्तियाँ (चंद्रबलम और ताराबलम)

🌙 मासिक चंद्रबलम शक्ति (चंद्रबलम) 🌟 तारामंडल शक्ति (ताराबलम)
सुबह 10:06 बजे तक निम्नलिखित के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ हैं:
वृषभ (वृषभ), कर्क (कर्क), कन्या (कन्या), तुला (तुला), मकर (मकर), और कुंभ (कुंभ)।
*अष्टम चंद्र (विपरीत काल) धनु (धनु) राशि के अंतर्गत जन्म लेने वालों और मूल या उत्तरा आषाढ़ के पहले चतुर्थांश में जन्म लेने वाले व्यक्तियों पर लागू होता है।

सुबह 10:06 बजे से लेकर अगले दिन सूर्योदय तक मौसम अनुकूल रहेगा:
मिथुन (मिथुन), सिंह (सिंह), तुला (तुला), वृश्चिक (वृश्चिक), कुंभ (कुंभ), और मीना (मीन)।
*अष्टमा चंद्र मकर राशि (कैप्रिकॉर्न) और उत्तरा आषाढ़ (अंतिम तीन चौथाई), श्रावण और धनिष्ठा (पहले दो चौथाई) राशि के व्यक्तियों पर शासन करता है।

सुबह 10:06 बजे तक के अत्यंत शुभ नक्षत्र:
अश्विनी, भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, पूर्वा आषाढ़, श्रवण, शतभिषा और उत्तरा भाद्रपद।

शुभ नक्षत्र जो सुबह 10:06 बजे से अगली सुबह सूर्योदय तक सक्रिय रहेंगे:
भरणी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वा आषाढ़, उत्तरा आषाढ़, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद और रेवती।

⚙️ एसेंडेंट होराइजन्स और पंचक समय

⚡ पांच प्रकार की बाधाएं (पंचक रहित समय) 🌅 आज के उदय लग्न (उदय लग्न)
शुभ मुहूर्त: सुबह 5:08 से 7:10 तक
🔴 चोर पंचक (बचें): प्रातः 07:10 से प्रातः 09:28 तक
🟢 शुभ मुहूर्त: सुबह 9:28 से 10:06 बजे तक
🔴 रोग पंचक (बचने का समय): सुबह 10:06 से 11:42 बजे तक
🟢 शुभ मुहूर्त: सुबह 11:42 से दोपहर 1:54 तक
🔴 मृत्यु पंचक (बचें): दोपहर 01:54 बजे से शाम 04:11 बजे तक
🔴 अग्नि पंचक (बचना): शाम 4:11 से शाम 4:59 तक
🟢 शुभ मुहूर्त: शाम 4:59 से शाम 6:28 तक
🔴 राजा पंचक (बचने का समय): शाम 6:28 से रात 8:33 तक
🟢 शुभ मुहूर्त: रात 8:33 से 10:17 बजे तक
🔴 चोरा पंचक (बचने का समय): रात 10:17 से 11:48 बजे तक
🟢 शुभ मुहूर्त: रात 11:48 से सुबह 01:17 तक (जून 2020)
🟢 शुभ मुहूर्त: सुबह 01:17 (20 जून) से सुबह 02:55 (20 जून) तक
🔴 चोर पंचक (बचें): 02:55 पूर्वाह्न (20 जून) से 04:52 पूर्वाह्न (20 जून) तक
शुभ मुहूर्त: सुबह 04:52 (20 जून) से सुबह 05:08 (20 जून) तक
♊ मिथुन (Gemini): सुबह 04:56 से 07:10 बजे तक
♋ कर्क (कैंसर): सुबह 7:10 से 9:28 बजे तक
♌ सिंह (Leo): सुबह 9:28 से 11:42 बजे तक
♍ कन्या (कन्या): सुबह 11:42 बजे से दोपहर 01:54 बजे तक
♎ तुला (Libra): दोपहर 1:54 से शाम 4:11 बजे तक
♏ वृश्चिका (Scorpio): शाम 4:11 से शाम 6:28 तक
♐ धनु (धनु): शाम 06:28 बजे से रात 08:33 बजे तक
♑ मकर (कैप्रिकॉर्न): रात 8:33 से 10:17 बजे तक
♒ कुंभ (Aquarius): रात 10:17 से 11:48 बजे तक
♓ मीन (मीन): रात 11:48 से सुबह 01:17 (20 जून)
♈ मेष (Aries): सुबह 01:17 (20 जून) से सुबह 02:55 (20 जून) तक
♉ वृषभ (वृषभ): 02:55 पूर्वाह्न (जून 20) से 04:52 पूर्वाह्न (जून 20)

🎉 उत्सव और शुभ अवसर

🗓️ पालन/आयोजन स्कंद षष्ठी — 19 जून, 2026 (शुक्रवार) को भगवान मुरुगन को समर्पित पवित्र व्रतों के साथ मनाया जाएगा।

नोट: सभी समय वाराणसी को केंद्र मानकर भारतीय स्थानीय समय के अनुसार 12 घंटे के प्रारूप में दिखाए गए हैं। आधी रात (12 बजे) के बाद के घंटों को अगले दिन की तारीख के साथ अंकित किया जाता है। पंचांग में, एक दिन सूर्योदय से शुरू होता है और अगले सूर्योदय पर समाप्त होता है।

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