आयु का राज खोलती हैं मणिबंध रेखाएं जानिए कैसे?
भारतीय मनीषियों को इस बात का पूर्ण ज्ञान था और वे किसी भी जातक को देखते ही उसकी आयु का पता लगा लेते थे।
नई दिल्ली। संसार के प्रत्येक व्यक्ति के मन में कभी न कभी यह विचार आता ही है कि आखिर उसकी आयु कितनी है। वह कितने समय तक जीवित रहेगा। वह सोचता है कि काश यह पता चल जाए कि कितनी उम्र तक संसार में रहना है तो वह उसके अनुसार अपने भविष्य की योजनाओं का निर्धारण कर सके।
मेडिकल साइंस भी आज तक कोई ऐसी तकनीक नहीं बना पाया है जिससे व्यक्ति की कुल आयु पता की जा सके। लेकिन भारतीय मनीषियों को इस बात का पूर्ण ज्ञान था और वे किसी भी जातक को देखते ही उसकी आयु का पता लगा लेते थे।

भारतीय ज्योतिष शास्त्र
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में अनेक विधाएं हैं जिनसे आयु का सटीक अनुमान लगाया जा सकता है। जन्म कुंडली देखकर आयु ज्ञात की जा सकती है, लेकिन जिस लोगों की जन्मकुंडली न हो उनकी आयु कैसे पता की जाए। इसका उत्तर सामुद्रिक शास्त्र देता है। व्यक्ति की हस्तरेखाओं में उसकी कुल आयु का राज छुपा हुआ है। हस्तरेखा की गणना को भी लगभग सभी विद्वानों ने एकमत से मान्यता दी है। जीवनरेखा के अलावा मणिबंध रेखा से भी आयु की गणना की जा सकती है।

मणिबंध रेखा क्या होती है?
हाथ से जिस जगह हथेली जुड़ती है उसे मणिबंध कहा जाता है। आप इसे कलाई भी कह सकते हैं। मणिबंध पर मौजूद रेखाओं को देखकर जातक की आयु ज्ञात की जा सकती है। मूलतः कलाई पर मौजूद तीन ही रेखाएं मणिबंध रेखाएं कहलाती हैं। कुछ लोगों के हाथ में दो मणिबंध रेखाएं होती हैं तो कुछ के हाथ में चार मणिबंध रेखाएं भी होती हैं। ये रेखाएं आयु, स्वास्थ्य, धन, प्रतिष्ठा एवं सम्मान की सूचक होती हैं।

कई बार विदेश यात्राएं
- मणिबंध से यदि कोई रेखा निकलकर ऊपर की ओर जाती हो तो उसके सोचे सभी कार्य उसके जीवनकाल में पूर्ण हो जाते हैं।
- यदि मणिबंध से कोई रेखा निकलकर चंद्र पर्वत की ओर जा रही हो तो वह व्यक्ति कई बार विदेश यात्राएं करता है।
- सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार यदि कलाई पर चार मणिबंध रेखाएं हों तो उसकी पूर्ण आयु 100 वर्ष होती है। यदि तीन रेखाएं हों तो 75 वर्ष, दो रेखाएं हों तो 50 वर्ष और एक रेखा होने पर उसकी आयु 25 वर्ष मानी जाती है।
- यदि मणिबंध रेखाएं टूटी हुई या कटी-फटी हो तो उस व्यक्ति के जीवन में लगातार बाधाएं और परेशानियां आती रहती हैं। उसका जीवन संकट और संघर्षों से घिरा रहता है।
- यदि मणिबंध रेखाएं निर्दोष तथा स्पष्ट हों तो व्यक्ति का प्रबल भाग्योदय होता है।
- मणिबंध रेखा जंजीरदार हो तो उसके जीवन में बराबर बाधाएं आती रहती हैं। इस रेखा पर स्वस्तिक का चिन्ह सौभाग्य का सूचक है।
- मणिबंध रेखा पर बिंदु हों तो जीवनभर पेट के रोगों से परेशान रहता है।
- द्वीप का चिन्ह मणिबंध पर हो तो उसे बार-बार दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ता है।
- मणिबंध रेखा गहरी, लाल और स्पष्ट हो तो व्यक्ति की सर्वत्र रक्षा होती है। संकटों से बचाव होता है।
- यदि दो मणिबंध रेखाएं आपस में मिल जाती हों तो दुर्घटना में अंग-भंग होने का योग बनता है।
- इन रेखाओं का रंग नीलापन लिए हुए हो तो व्यक्ति रोगी होता है। पीली मणिबंध रेखाएं विश्वासघात की सूचक है।

मणिबंध रेखाएं निर्दोष तथा स्पष्ट हों













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