Guru ki chaal: राहु के नक्षत्र आर्द्रा में गुरु का प्रवेश, संभलकर रहें सभी राशि वाले
Guru ki chaal: शुभ और सात्विक ग्रह बृहस्पति अर्थात् गुरु आज राहु के नक्षत्र आर्द्रा के अंतिम चरण में प्रवेश करने जा रहा है। 13 अगस्त को यह पुनर्वसु नक्षत्र के प्रथम चरण में प्रवेश करने के साथ ही पूरी तरह राहु के प्रभाव से मुक्त हो जाएगा। आर्द्रा के अंतिम चरण में जाने के कारण गुरु के साथ इसका चांडाल दोष बनेगा, जो पूरी तरह भ्रमित करने का काम करेगा।
इसलिए 8 से 13 अगस्त तक कोई भी निर्णय लेने से पहले उसके सारे पक्षों को अच्छी तरह सोच-विचार कर लें। अन्यथा कोई निर्णय गलत भी हो सकता है।

जानिए क्या होगा प्रभाव
बृहस्पति ने 14 जून को आर्द्रा नक्षत्र के प्रथम चरण में प्रवेश किया था। तीन चरणों को भोगते हुए यह 8 अगस्त से आर्द्रा के अंतिम चरण में प्रवेश करने जा रहा है। अंतिम चरण में राहु का पूर्ण भाव बृहस्पति पर हो जाएगा। इस कारण यह बृहस्पति के सारे सात्विक और शुभ गुणों-प्रभावों को अपने भ्रम जाल में दबा देगा।
मनुष्यों की बुद्धि और मति पर भी पूरी तरह भ्रम के बादल छा जाएंगे
इन छह दिनों के दौरान मनुष्यों की बुद्धि और मति पर भी पूरी तरह भ्रम के बादल छा जाएंगे। इसलिए कोई भी काम सोच-समझकर ही करें। इस दौरान पारिवारिक विवाद बढ़ेंगे। एक-दूसरे से मतभेद उभरेंगे। छोटी-छोटी बातों पर ऐसी स्थिति बनेगी जिससे विवाद पैदा होगा।
क्या करें इस दौरान
आर्द्रा के अंतिम चरण में बृहस्पति होने के कारण यह समय बृहस्पति को मजबूत करने का रहेगा। इन छह दिनों में हर दिन सुबह स्नान के पानी में एक चुटकी हल्दी या अष्टगंध डालकर स्नान करें। इस दौरान अपने मस्तक पर हल्दी का अष्टगंध का तिलक लगाएं। हर दिन विष्णुसहस्रनाम का पाठ करें। श्रीकृष्ण के मंत्रों का जाप करें।
इस दौरान राहु या गुरु से संबंधित चीजों का दान करने से बचना चाहिए। किसी भी व्यक्ति को पीले वस्त्र, पीले फल, हल्दी, दाल आदि का दान भूलकर भी न करें। इसी तरह काली-भूरी चीजों का दान करने से भी बचे। कोई कहे भी दान करने के लिए तो बिलकुल न करें।












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