Guru Asta 2025: इस बार भड़ली नवमी पर भी नहीं होंगे विवाह, जानिए क्यों?
Guru Asta 2025: विवाह के लिए गुरु का उदय और शुभ अवस्था में होना आवश्यक है किंतु आषाढ़ मास में 12 जून को गुरु अस्त हो गया है। इस कारण विवाह जैसे अत्यंत मांगलिक कार्य पर प्रतिबंध लग गया है। इस बार भड़ली नवमी पर भी विवाह नहीं होंगे। हर वर्ष देवशयनी एकादशी से पूर्व भड़ली नवमी पर विवाह का अंतिम मुहूर्त होता रहा है, लेकिन इस बार भड़ली नवमी पर गुरु के अस्त रहने के कारण विवाह नहीं हो पाएंगे।
हालांकि जो लोग अशुद्ध मुहूर्त में विवाह करना चाहते हैं वे इस दिन विवाह कर भी लेंगे। आपको बता दें कि भादरिया नवमी (भड़ली नवमी) 4 जुलाई को है।

12 जून को गुरु अस्त होकर 8 जुलाई को उदय होगा, उससे पहले 6 जुलाई को देवशयनी एकादशी आ जाएगी। इस कारण विवाह पर वैसे ही प्रतिबंध लग जाएगा। इसके बाद देवोत्थान एकादशी 1 नवंबर को आएगी। विवाह के मुहूर्त उसके बाद ही होंगे। देवोत्थान एकादशी के बाद विवाह का पहला मुहूर्त 16 नवंबर को आएगा।
भड़ली नवमी पर अबूझ मुहूर्त (Guru Asta 2025)
भड़ली नवमी को वैसे तो विवाह के लिए अबूझ मुहूर्त माना जाता है। इस दिन विवाह के लिए मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं रहती, किंतु शास्त्रीय परंपरा के अनुसार 8 जून के बाद विवाह का कोई मुहूर्त नहीं है। अनेक लोग जो इस परंपरा का पालन नहीं करते वे इस दिन विवाह कर लेंगे।
गुरु अस्त होने पर नहीं होते विवाह (Guru Asta 2025)
किसी भी मांगलिक कार्य, विशेषकर विवाह में गुरु का उदय अवस्था में होना आवश्यक है। जब विवाह का मुहूर्त निकाला जाता है तो वह गुरु की स्थिति के अनुसार ही निकाला जाता है। जब गुरु अस्त हो या लड़की की राशि से चौथा, आठवां या बारहवां न हो तभी विवाह का मुहूर्त निकाला जाता है। विवाह मुहूर्त के लिए लड़के का सूर्य-चंद्र और लड़की का गुरु-चंद्र देखा जाता है।
नवंबर में होंगे विवाह (Guru Asta 2025)
देवोत्थान एकादशी 1 नवंबर को होगी। इसके बाद विवाह का पहला मुहूर्त 16 नवंबर को होगा। उसके बाद 22, 23, 25 और 30 नवंबर को विवाह के शुद्ध मुहूर्त रहेंगे।












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