Diwali 2019: जानिए लक्ष्मी-गणेश की पूजा और मुहूर्त का समय

नई दिल्ली। दीपों का पर्व 'दिवाली' पूरे देश में उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। 'दिवाली' संस्कृत के दो शब्दों से मिलकर बना है और वो दो शब्द हैं 'दीप' अर्थात 'दीपक' और 'आवली' अर्थात 'लाइन' या 'श्रृंखला' जिसका मतलब हुआ 'दीपकों की श्रृंखला' रोशनी के इस पर्व पर घरों में लक्ष्मी-गणेश की पूजा का विधान है।

 लक्ष्मी-गणेश की पूजा और मुहूर्त का समय

लक्ष्मी-गणेश की पूजा और मुहूर्त का समय

  • दिवाली 2019 तिथि : 27 अक्टूबर
  • लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: 6:42 से 08:11
  • प्रदोष काल: 05.36 से 08:11
  • वृषभ काल: 6:42 से 8:37
  • अमावस्या तिथि प्रारंभ: 12:23 (27 अक्टूबर)
  • अमावस्या तिथि अंत: 09:08 ( 28 अक्टूबर)
क्यों होती है लक्ष्मी जी के साथ गणेश जी की पूजा

क्यों होती है लक्ष्मी जी के साथ गणेश जी की पूजा

लक्ष्मी की अधिकता होने पर अक्सर लोग विवेक खो देते है और धन का दुरूप्रयोग करने लगते है। धन का प्रयोग सही हो इसके लिए इंसान के पास बुद्दि का होना जरूरी है इसी वजह से दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश की पूजा साथ में होती है, जिससे कि इंसान के पास लक्ष्मी का भी वास हो और उसका दिमाग भी खराब ना हो।

मुख्य दरवाजे से ही दिवाली के दिन घर में मां लक्ष्मी प्रवेश करती हैं

मुख्य दरवाजे से ही दिवाली के दिन घर में मां लक्ष्मी प्रवेश करती हैं

दिवाली के दिन पूरे घर को सजाया जाता है, इसमें भी घर के मुख्य दरवाजे को सजाने का विशेष महत्व है। मान्यता है कि मुख्य दरवाजे से ही दिवाली के दिन घर में मां लक्ष्मी प्रवेश करती हैं इसलिए घर के मुख्य दरवाजे तोरण लगाना चाहिए। तोरण बनाने के लिए आम और केले के पत्ते को शुभ माना जाता है। वैसे अगर आप चाहें तो फूलों या मोती से भी तोरण बना सकते हैं।

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