Chandra Navami Puja: कुंडली में चंद्र से जुड़े दोष दूर कर देती है चंद्र नवमी पूजा
नई दिल्ली, 13 सितंबर। वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा को मन का कारक ग्रह कहा गया है। चंद्रमा मन और मस्तिष्क को नियंत्रित करता है। यह भावनाओं में ज्वार-भाटा लाता है। यह किसी की मानसिक स्थिति मजबूत कर सकता है तो किसी की खराब भी कर सकता है। यह माता का कारक ग्रह भी होता है। इसलिए यदि किसी जातक की जन्मकुंडली में चंद्र खराब हो तो वह अस्थिर मन वाला और बात-बात पर विचलित होने वाला रहता है। और यदि चंद्र मजबूत है तो व्यक्ति सजगता से निर्णय लेने वाला और सर्वत्र सुखी होता है। यदि आपकी जन्मकुंडली में भी चंद्र खराब स्थिति में है तो आपको चंद्र नवमी पर चंद्र देव का पूजन अवश्य करना चाहिए। साथ ही कुछ विशेष उपाय भी किए जा सकते हैं जिनसे चंद्र मजबूत होता है।

चंद्र नवमी भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है। इस वर्ष यह 15 सितंबर 2021 बुधवार को आ रही है। इस दिन व्रत भी रखा जाता है। जो लोग चंद्र नवमी का व्रत रखते हैं उन्हें प्रात:काल सूर्योदय पूर्व जागकर स्नानादि से निवृत्त होकर अपने पूजा कक्ष में भगवान के सामने चंद्र नवमी व्रत का संकल्प करना चाहिए। इसके बाद दिनभर व्रत रखें, फलाहार कर सकते हैं। रात्रि में चंद्रमा के उदय होने पर चंद्र के दर्शन करें, जल और अक्षत का अर्घ्य दें और अपने सारे संकटों से नाश की कामना करके व्रत खोलें।
चंद्र नवमी व्रत के लाभ
- जिन लोगों की जन्मकुंडली में चंद्र खराब स्थिति में है, कमजोर है उन्हें चंद्र की मजबूती के लिए यह व्रत अवश्य करना चाहिए।
- चंद्र नवमी के दिन चांदी का चांद बनवाकर गले में धारण करने से चंद्र मजबूत होता है।
- कमजोर मानसिक स्थिति वाले लोगों को चांदी की अंगूठी में आठ कैरेट का मोती बनवाकर कनिष्ठिका अंगुली में पहनना चाहिए।
- कमजोर आर्थिक स्थिति है तो चंद्र नवमी के दिन चंद्र यंत्र घर में स्थापित करें। इससे जल्द ही पैसों की कमी दूर होगी।
- चंद्र नवमी के दिन एक चांदी का चौकोर टुकड़ा अपने घर की तिजोरी में रखें, आर्थिक स्थिति में सुधार आने लगेगा।












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