Benefits of Cloves: लौंग के चमत्कारिक प्रयोग
लखनऊ। लौंग एक लता पुष्प है, जो सुगन्ध, मसाले, खान-पान, शोधन, आयुर्वेद, माॅगलिक, तांत्रिक व अन्य सभी कार्यो में प्रयुक्त होने वाला सुगंधित मसाला है। यह कटु तीक्ष्ण स्वाद की उत्तेजक, दुर्गंधनाशक, सर्व प्रयोग में प्रयुक्त होती है। ये छोटे-मोटे तांत्रिक प्रयोगों हेतु संजीवनी कहलाती है। प्रत्येक कर्म सम्मोहन, उच्चाटन, वशीकरण, मारण, विद्वेषण, मोहन, सुरक्षा व अन्य सिद्धि लौंग के बिना अधूरी हैं। यह सर्वार्थसिद्धि हेतु काम में आती है। शत्रुओं को पररास्त करने के लिए-प्रातःकाल सात बार हनुमान जी को लडडू का भोग लगायें और पाॅच लौंग पूजा स्थान में देशी कपूर के साथ जलायें, फिर भस्म से तिलक करके घर से बाहर जायें। ऐसा करने पर आप शत्रुओं को परास्त करने में सक्षम होंगे।

भस्म का तिलक
- कार्य सिद्धि-यदि किसी विशेष कार्य से जाना हो तो चार लौंग जलाकर उसकी भस्म का तिलक करके जाने से कार्य में सिद्धि मिलती है।
- किसी को अपने प्रभाव में लाने हेतु-बुधवार को पेड़ के नीचे एक लौंग दबायें। 7 दिन तक नियमित 24 घण्टें में एक बार उस पर पेशाब करें और फिर आठवें दिन लौंग को निकालकर चूर्ण बनाकर इच्छित व्यक्ति को खिलाने से जातक आपके प्रभाव में आ जाता है।
- धन लाभ-प्रातःकाल दीपक जलाकर उसमें दौ लौंग डाल दें। उसके पश्चात घर से निकले। भगवान गणपति को दूर्वा एवं लडडू का भोग लगायें व भगवति लक्ष्मी के चित्र के सामने घी का दीपक जलाकर सरसों का तेल तथा काली उड़द का दान करें। नित्य प्रातः तुलसी के पौधों में जल अर्पित करें। ये उपाय कम से कम 1 वर्ष तक करने से आर्थिक समृद्धि आती है।
- नकसीर बंद-लौंग जलाकर पानी में डालकर नाक में डालने से नकसीर बन्द हो जाती है।
- कमजोरी दूर करके के लिए-एक तोला लौंग, तीन माशा चमेली के तेल को जलाकर कपड़े में छानकर रात को लिंग में मालिश करें व साथ में पान का पत्ता बाॅधने से लाभ मिलता है।
- प्रेतबाधा निवारण-रविवार या मंगलवार को धूपबत्ती जलाकर कटोरी में 11 लौंग रखकर धूपबत्ती पर लोबान डालकर शुद्ध करें व हनुमान या चामुण्डा अथवा गायत्री मन्त्र के साथ 11 माला जपकर माला लौंग से स्पर्श कराकर रोगी की भुजा पर बांधें।
- दरिद्रता दूर करने हेतु-दीपावली, अमावस्या की रात्रि या ग्रहण काल में एक लौंग, एक इलायची जलाकर भस्म बना लें। इस भस्म को देवी-देवताओं चित्रों या यन्त्रों में लगाने से घर की दरिद्रता दूर होने लगती है।
- व्यवसाय में लाभ के लिए-शनिवार के दिन सिन्दूर, चाॅदी का वर्क, पाॅच मोतीचूर के लडडू, चमेली का तेल व एक पान का बीड़ा {पान में पाॅच लौंग लगायें} व नियमित रूप से शनिवार के दिन हनुमान जी को अर्पण करें तथा वर्ष में दो बार नवरात्र या मंगलवार के दिन हनुमान जी को चोला चढ़ाने से व्यवसाय में लाभ होता है।

भगवान गणपति को दूर्वा एवं लडडू का भोग लगायें

एक तोला लौंग, तीन माशा चमेली













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