आपको सुंदर, स्वस्थ और आकर्षक बना देंगे ये रत्न
नई दिल्ली। सुंदर व्यक्ति को हर कोई पसंद करता है और उनकी तरफ आकर्षित रहते हैं। हर व्यक्ति सुंदर और आकर्षक दिखना भी चाहता है। वैसे तो सुंदरता जन्म से ही मिलती है, लेकिन बहुत सारी ऐसी बातें हैं जो व्यक्ति के रहन-सहन, पहनावे पर भी निर्भर करती है।
जैसे किसी स्त्री या पुरुष का रंग यदि सांवला या डार्क है तो जरूरी नहीं कि वह सुंदर नहीं दिख सकता या जो व्यक्ति गौर वर्ण का है जरूरी नहीं कि लोग उसे पसंद करें। सुंदरता के साथ-साथ व्यक्ति के नाक-नक्श, हावभाव, बर्ताव, व्यवहार भी मायने रखता है।

प्रसिद्धि भी दिलवाते हैं
आज मैं आपको कुछ ऐसे रत्नों के बारे में बता रहा हूं जिन्हें धारण करने से किसी स्त्री या पुरुष के व्यक्तित्व में चमत्कारिक रूप से बदलाव आने लगता है। उसके आकर्षण प्रभाव में वृद्धि होती है, उसकी आंखों में एक सम्मोहन पैदा हो जाता है जिससे उससे एक बार मिल लेने वाला व्यक्ति कभी उसे भुला नहीं पाता। ये रत्न न सिर्फ सुंदरता प्रदान करते हैं, बल्कि को प्रसिद्धि भी दिलवाते हैं।

लाजवर्त और मोती
किशोरावस्था के लड़के-लड़कियां मुहांसों से सबसे ज्यादा परेशान रहते हैं। मुहांसे आमतौर पर पेट की गंदगी और रक्त की अशुद्धता के कारण होता है। बाल्यावस्था से किशोरावस्था में आने के दौरान शरीर में रासायनिक तत्वों और हार्मोन का संतुलन बिगड़ता जिससे चेहरे पर फुंसी, कील, दाग-धब्बे आते हैं। विशेष रसायनों के उत्सर्जन से चेहरे पर चिकनाई की मात्रा अधिक हो जाती है।

धूल-मिट्टी के संक्रमण से बचने के लिए
धूल-मिट्टी के संक्रमण से भी मुहांसे होते हैं। ज्योतिषीय मत के अनुसार मेष तथा वृश्चिक राशि के जातक मुहांसों से अधिक पीडि़त होते हैं। मुहांसों से बचने के लिए चांदी की अंगूठी में 4 से 6 रत्ती का मोती मध्यमा अंगुली में धारण करें। कनिष्ठिका में लाजवर्त धारण करें। चांदी की अंगूठी में 8 से 10 रत्ती का सफेद मूंगा भी पहना जाता है।

ओनेक्स
ओनेक्स का संबंध मूलाधार चक्र से होता है। शरीर को मूल ऊर्जा इसी चक्र से प्राप्त होती है। यदि यह ऊर्जा दूषित है तो व्यक्ति में अनेक प्रकार के रोग जन्म लेते हैं। खासकर रक्त संबंधी रोग। त्वचा संबंधी अधिकांश रोग रक्त के दूषित होने की वजह से ही होते हैं। ओनेक्स धारण करने से रक्त शुद्ध होता है। इससे व्यक्ति की त्वचा में चमक पैदा होती है जो देखने वाले को आकर्षक लगती है। इस तरह धीरे-धीरे व्यक्ति का व्यक्तित्व चुंबकीय बन जाता है।

आंबेर
यह स्टोन शीर को अनोखी ऊर्जा से भर देता है। इससे सभी चक्र में एनर्जी का प्रवाह होता है जिसके फलस्वरूप व्यक्ति का ऑरा शुद्ध होता है। चाहे व्यक्ति का स्किन टोन यानी रंग कैसा भी हो यह स्टोन पहनने वाले की आंखों में एक तरह का सम्मोहन पैदा करता है, जो हर किसी को अपनी वशीभूत कर सकता है।












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