Aaj Ka Panchang: आज का पंचांग, 20 जून 2026, शनिवार
20 जून 2026 को, इस पंचांग में ज्येष्ठ मास, शुक्ल पक्ष और षष्ठी तिथि दिखाई देती है। विक्रमा संवत् वर्ष 2083 है, जिसे सिद्धार्थि के नाम से जाना जाता है। इस दिन का सूर्य राशि मिथुन (Gemini) है। इस तिथि के लिए कोई विशेष दिन-त्योहार सूचीबद्ध नहीं हैं। स्पष्ट समय और परंपरा को ध्यान में रखते हुए दैनिक प्रार्थनाओं, यात्राओं या अन्य नियमित कार्यों की योजना बनाने के लिए इन विवरणों का उपयोग करें।

🌅 सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय का समय
| 🌅 सूर्योदय | सुबह 05:08 | 🌇 सूर्यास्त | शाम 6:51 |
| 🌙 चंद्रोदय | सुबह 10:32 बजे | 🌑 चंद्रोदय | रात 11:11 बजे |
📅 दैनिक पंचांग तत्व
| तिथि | षष्ठी (दोपहर 03:46 तक), उसके बाद सप्तमी | ||
| नक्षत्र | माघ (सुबह 09:25 बजे तक), उसके बाद पूर्वाफाल्गुनी | ||
| योग | वज्र (दोपहर 12:48 बजे तक), उसके बाद सिद्धि | ||
| करण | ताइतिला (दोपहर 3:46 बजे तक), उसके बाद गराजा (21 जून को सुबह 3:27 बजे तक), और वानिजा | ||
| काम करने के दिन | शनिवार | पक्ष | शुक्ल पक्ष (उज्ज्वल पखवाड़ा) |
🌙 चंद्र माह युग और कैलेंडर प्रणालियाँ
| विक्रम संवत | 2083 सिद्धार्थ | सम्वत्सर | सिद्धार्थी (21 अप्रैल, 2026 को दोपहर 03:53 बजे तक), उसके बाद रौद्र |
| शक संवत | 1948 पराभाव | गुजराती संवत | 2082 पिंगला |
| दाएँ / द्वार | 6 | चंद्रमासा (पूर्णिमा) | ज्येष्ठ |
| चंद्रमासा (अमंता) | ज्येष्ठ |
👑 ग्रह मंत्रिमण्डल (विक्रम संवत् 2083)
| राजा 👑 | बृहस्पति | कमांडर ⚔️ | चंद्र (चंद्रमा) |
| मंत्री (मंत्री) ⚜️ | मंगल ग्रह | रबी फसल के स्वामी 🌻 | बुद्ध (बुध) |
| खरीफ फसलों के स्वामी 🌾 | बृहस्पति | वर्षा के स्वामी 🌧️ | चंद्र (चंद्रमा) |
| धन और अर्थव्यवस्था के स्वामी 💰 | बृहस्पति | धातु एवं खनिज के स्वामी 🪙 | बृहस्पति |
| सैप एंड लिक्विड्स लॉर्ड 🍯 | शनि (शनि) | फल और फूल, भगवान 🍎 | चंद्र (चंद्रमा) |
🦁 राशि और नक्षत्र गणना
| राशि | सिंह (Leo) | सूर्य राशि | मिथुन |
| सौर नक्षत्र | मृगशिरा | सौर नक्षत्र पाद | मृगशिरा (चौथा पद) |
| नक्षत्र चरण (पाद) | • माघ (चतुर्थ पादा) प्रातः 09:25 बजे समाप्त होगा • पूर्वा फाल्गुनी (प्रथम पादा) अपराह्न 03:22 बजे समाप्त होती है • पूर्वा फाल्गुनी (द्वितीय पाद) रात्रि 09:22 बजे समाप्त होगी • पूर्वाफाल्गुनी (तीसरा पाद) 21 जून को प्रातः 03:25 बजे समाप्त होगा • पूर्वाफाल्गुनी (चतुर्थ पाद) 21 जून को प्रातः 03:25 बजे के बाद |
☀️ ऋतुएँ और संक्रांति
| सौर ऋतु (द्रिक ऋतु) | ग्रीष्मा (ग्रीष्मकालीन) | वैदिक मौसम | ग्रीष्मा (ग्रीष्मकालीन) |
| सौर संक्रांति (द्रिक अयाना) | उत्तरायण | वैदिक संक्रांति | उत्तरायण |
| दिन की अवधि (दिनों में) | 13 घंटे, 42 मिनट, 59 सेकंड | रात्रिमाना (रात की अवधि) | 10 घंटे, 17 मिनट, 12 सेकंड |
| खगोलीय दोपहर | दोपहर 12 बजे |
✨ शुभ एवं शुभ समय
| ब्रह्म मुहूर्त | सुबह 03:46 से 04:27 तक | प्रतः संध्या | सुबह 04:06 से 05:08 तक |
| अभिजीत मुहूर्त | सुबह 11:32 से दोपहर 12:27 तक | विजय मुहूर्त | दोपहर 2:17 से दोपहर 3:12 तक |
| गोधुली मुहूर्त | शाम 6:50 से शाम 7:10 तक | सयाहना संध्या | शाम 6:51 से शाम 7:53 तक |
| अमृत कलाम | सुबह 7:06 से 8:39 तक सुबह 03:06 (21 जून) से सुबह 04:42 (21 जून) तक | ||
| निशिता मुहूर्त | रात 11:39 बजे से रात 12:20 बजे तक (21 जून) | रवि योग | सुबह 5:08 से 9:25 तक |
⚠️ चेतावनी एवं अशुभ समय
| राहु कलाम | सुबह 8:34 से 10:17 तक | यामागंडा | दोपहर 1:42 से दोपहर 3:25 तक |
| गुलिकाई कलम | सुबह 05:08 से 06:51 तक | दुर् मुहूर्त | सुबह 05:08 से 06:03 तक सुबह 6:03 बजे से सुबह 6:58 बजे तक |
| वर्ज्यम | शाम 5:27 से शाम 7:04 तक | गंडा मूला | सुबह 5:08 से 9:25 तक |
| आदल योग | सुबह 9:25 से सुबह 5:08 तक (21 जून) | विदाल योग | सुबह 5:08 से 9:25 तक |
| बाना | राजा (शाम 6:37 बजे तक) |
🧭 पवित्र निवास स्थान और दिशा-निर्देश
| घर | बुध (सुबह 09:25 बजे तक), फिर शुक्र | दिशा स्कूल | पूर्व |
| चंद्र वासा | पूर्व | राहु वासा | पूर्व |
| अग्निवास | पाताल (दोपहर 03:46 तक), फिर पृथ्वी | कुंभ चक्र | दक्षिण |
| शिववास | नंदी पर (दोपहर 03:46 बजे तक), उसके बाद भोजना में |
📜 ऐतिहासिक कैलेंडर और युग सूचकांक
| कलियुग | 5127 वर्ष | लाहिरी अयनांश | 24.233534 |
| काली दिवस गणना (अहरगना) | 1872746 दिन | रेट डाई इंडेक्स | 739787 |
| जूलियन कैलेंडर तिथि | 7 जून, 2026 ईस्वी | जूलियन दिवस गणना | 2461211.5 दिन |
| भारतीय नागरिक तिथि | ज्येष्ठ 30, 1948 शक | संशोधित जूलियन डे | 61211 दिन |
| भारतीय चंद्र निरयण तिथि | आषाढ़ 6, 1948 शक |
🌠 ब्रह्मांडीय शक्तियाँ (चंद्रबाला और ताराबाला)
| अनुकूल चंद्रबलम (अगले सूर्योदय तक मान्य) | मिथुन (मिथुन), सिंह (सिंह), तुला (तुला), वृश्चिक (वृश्चिक), कुम्भ (कुंभ), मीना (मीन) *नोट: मकर राशि ने अष्टम चंद्र का अनुभव किया |
| अनुकूल ताराबलम (सुबह 9:25 बजे तक मान्य) | भरणी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वा आषाढ़, उत्तरा आषाढ़, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, रेवती |
| अनुकूल ताराबलम (सुबह 9:25 बजे के बाद मान्य) | अश्विनी, कृत्तिका, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तरा आषाढ़, श्रवण, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद |
⏳ पंचक मुहूर्त और लग्न
| पंचक रहित मुहूर्त | • रोग पंचक: सुबह 5:08 से 7:06 तक, रात 8:29 से 10:14 तक, और 21 जून को सुबह 1:13 से 21 जून को सुबह 2:51 तक • शुभ समय: सुबह 7:06 से 9:24 तक, सुबह 11:38 से दोपहर 1:51 तक, दोपहर 3:46 से 4:07 तक, शाम 6:24 से 8:29 तक, रात 10:14 से 11:44 तक, सुबह 2:51 (21 जून) से सुबह 4:48 (21 जून) तक • मृत्यु पंचक: प्रातः 09:24 से प्रातः 09:25, रात्रि 11:44 से प्रातः 01:13 (21 जून), प्रातः 04:48 (21 जून) से प्रातः 05:08 (21 जून) • अग्नि पंचक: सुबह 9:25 से 11:38 तक • राज पंचक: दोपहर 01:51 बजे से 03:46 बजे तक • चोर पंचक: शाम 04:07 बजे से शाम 06:24 बजे तक |
| उदय लग्न मुहूर्त | • मिथुन: सुबह 04:52 से सुबह 07:06 तक • कार्का: सुबह 7:06 से 9:24 तक • सिंह: सुबह 9:24 से 11:38 तक • कन्या: सुबह 11:38 बजे से दोपहर 01:51 बजे तक • तुला: दोपहर 1:51 से शाम 4:07 तक वृश्चिका: शाम 4:07 से शाम 6:24 तक • धनु: शाम 06:24 बजे से रात 08:29 बजे तक • मकरा: रात 8:29 से रात 10:14 तक • कुंभ: रात 10:14 से रात 11:44 तक • मीना: रात 11:44 से सुबह 01:13 तक (21 जून) • मेषा: सुबह 01:13 (21 जून) से सुबह 02:51 (21 जून) तक • वृषभ: 02:51 पूर्वाह्न (21 जून) से 04:48 पूर्वाह्न (21 जून) तक |
🎉 आज के त्यौहार और आयोजन
| त्योहारी अवसर | जमाई षष्ठी (20 जून 2026, शनिवार को मनाया जाता है) |
नोट: सभी समय वाराणसी को केंद्र मानकर भारतीय स्थानीय समय के अनुसार 12 घंटे के प्रारूप में दिखाए गए हैं। आधी रात (12 बजे) के बाद के घंटों को अगले दिन की तारीख के साथ अंकित किया जाता है। पंचांग में, एक दिन सूर्योदय से शुरू होता है और अगले सूर्योदय पर समाप्त होता है।












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