ज्योतिष से सवाल-मैं अपने बेटे का क्या नाम रखूं?
1- नाम- मोनिका चैरसिया
जन्म तिथि- 10 जनवरी सन् 2012
जन्म समय- अपरान्ह 2:55 मिनट
जन्म स्थान- लखनऊ, यूपी।
सवाल- मैं अपने बेटे का क्या नाम रखूं। कृपया बतायें ?
जवाब- मोनिका जी, आपके बेटे का जन्म वृष लग्न में हुआ है। वृष का स्वामी शुक्र दशम भाव में बैठा है। इस बच्चे को बहुत गुस्सा आयेगा। इसकी इच्छाओं की पूर्ति करों लेकिन जिद्द को मानना आगे चलकर घातक सिद्ध होगा। आप-अपने का बच्चे का नाम ,क, अक्षर से रखें तो शुभ रहेगा।
उपाय- आप स्वंय अपने बच्चे के अच्छे फ्यूचर के लिए सूर्य को जल दिया करें।

2- नाम- प्रमोद दीवान
जन्म तिथि- 23 फरवरी सन् 1986
जन्म समय- सुबह 6:05 मिनट
जन्म स्थान- रायगढ़, छत्तीसगढ़।
सवाल- पंडित जी, मुझे जॉब करनी चाहिए या बिजनेस किस क्षेत्र में सफलता मिलेगी ?
जवाब- प्रमोद जी, आपका जन्म कुम्भ लग्न में हुआ है। लग्न में आपके चार ग्रह बैठे है। सूर्य, बुध, गुरू व शुक्र एक साथ संग्रस्थ है। आपके दशम भाव में मंगल और शनि एक साथ बैठे है। तृतीयेश मंगल की दृष्टि आपके प्रथम भाव पर पड़ रही है। इसलिए आपको नौकरी करना ज्यादा हितकर रहेगा। मंगल की स्थिति कुण्डली मे ंअच्छी है। अतः आप टेक्निकल फील्ड में जाकर अपना कैरियर बना सकते है।
उपाय- आप साढ़े 12 रत्ती का मॅूगा तांबे की अॅगूठी में बनवाकर दिन मंगलवार को शुद्ध करके अनामिका अॅगुली में धारण करें।
3- नाम- गोपाल प्रजापति
जन्म तिथि- 21 दिसम्बर सन् 1982
जन्म समय- सुबह 10:10 मिनट
जन्म स्थान- गोरखपुर, यूपी।
सवाल- क्या मुझे सरकरी नौकरी मिलेगी ?
जवाब- गोपाल जी, आपका जन्म मकर लग्न में हुआ है। लग्न में उच्च का मंगल बैठा हुआ है। आप बहुत ही अक्रामक स्वभाव के होंगे। गलत चीज पर आप तुरन्त करारा जवाब देंगे। आपकी कुण्डली में छठें भाव का मालिक बुध 12 वें भाव में सूर्य, बुध, शुक्र व केतु के साथ बैठा है। सूर्य अष्टमेश होकर 12 वें भाव में बैठा है। सूर्य की स्थिति आपकी कुण्डली में काफी कमजोर है, इसलिए आपकों सरकारी नौकरी के लिए कठिन परिश्रम करना होगा तभी सफलता मिल पायेगी।
उपाय- आप 10 रत्ती का माणिक्य तांबे या चांदी की अॅगूठी में बनवाकर अनामिका अॅगुली में दिन रविवार को शुद्ध करके धारण करें।
4- नाम- राहुल पोटदार
जन्म तिथि- 3 अप्रैल सन् 1982
जन्म समय- सुबह 11:15 मिनट
जन्म स्थान- सांगली, महाराष्ट्र।
सवाल- मेरी वाइफ का नेचर कैसा होगा ?
जवाब- राहुल जी, आपकी लग्न में राहु स्थित है, इसलिए आप कभी आप-अपने को बहुत उर्जावान महसूस करते है और कभी-2 बहुत ही नर्वस महसूस करतें होंगे। कुण्डली में सप्तम भाव से पत्नी के बारें में विचार किया जाता है। सप्तमेश गुरू पंचम भाव में बैठा है और सप्तम भाव में केतु कब्जा किये हुये है। इसलिए आपका पे्रम विवाह होगा लेकिन आपकी पत्नी का नेचर थोड़ा सा गुस्सैल होगा। दिल की अच्छी होगी किन्तु गुस्सा हमेशा नाक पर रहेगा। गलत बात को बर्दास्त कतई नहीं करेगी।
उपाय- आप साढ़े 10 रत्ती का लहसुनिया चांदी की अॅगूठी में बनवाकर दिन मंगलवार को शु़द्ध करके मध्यमा अॅगुली में धारण करें।












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