स्वतंत्रता के 69 वर्ष- एक नजर देश की ग्रह-दशा पर

भारत की स्वतंत्रता की कुंडली में वृष लग्न उदित हो रहा है। लग्नेश शुक्र द्वितीयेश, तृतीयेश, चतुर्थेश, पंचमेश, षष्ठेश, भाग्येश, तृतीय भाव में पंच ग्रही योग बना रहा है। लाभेश गुरु छठें भाव में स्थित है। भाग्येश शनि दशम, पंचम व द्वादश भाव पर अपनी दृष्टि डाल रहा है।

वर्ष कुण्डली में मुंथा पंचम भाव में स्थित है। मुंथेश शनि शत्रु क्षेत्री होकर तृतीय भाव में स्थित है। बुध सिंह राशि सप्तमेश एंव लाभेश गुरू और चन्द्रमा द्वादश भाव में बुध के साथ स्थित है। अष्टमेश मंगल नीच का होकर शत्रु भाव को देख रहा है।

इन ग्रह-दशा के बीच आने वाले साल भारत के लिये कैसा रहेगा-

  • अगस्त-सितम्बर 2015 में में शनि क्षेत्री बुध एंव केतु अपनी प्रत्यन्तर दशा के प्रभाव के कारण भारत को प्रभावित करेंगे।
  • बुध शत्रु भाव को अपनी सप्तम दृष्टि से देख रहा है। इस वजह से पड़ोसी राष्ट्रों से हो रही शान्ति एंव व्यापार वार्ता तनाव में बदल सकती है।
  • शुक्र का वक्र गति से कर्क राशि में मंगल व सूर्य के साथ स्थित होना संकेत दे रहा है कि महिलाओं के प्रति अपराध व हिंसा का ग्राफ बढ़ेगा।
  • दशमेश बुध, गुरू के साथ सिंह राशि में बैठा है। भारत तकनीकी क्षेत्र व अन्तरिक्ष क्षेत्र में नयें-नयें शोध करके विश्व में नयें कीर्तिमान स्थापित करेगा।
  • पड़ोसी राष्ट्रों पर भारत का नैतिक दबाव बढ़ेगा। फरवरी-मार्च 2016 में भारत के लिए परिस्थितियां नाटकीय, अप्रत्याशित रूप से बदलती प्रतीत होगी।
  • पड़ोसी राष्ट्र एंव तथाकथित मित्र राष्ट्र क्रूर कूटनीति द्वारा भारत को आघात व नीचा दिखाने की कोशिश करेंगे।

निकटतम भविष्य में क्या-क्या होने की है संभावना, पढ़ें स्लाइडर में स्वतंत्रता दिवस की तस्वीरों के साथ।

विदेशी निवेश बढ़ेगा

विदेशी निवेश बढ़ेगा

शनि के प्रभाव के कारण विदेशी पूंजी का निवेश होगा एंव भारत का औद्योगिक उत्पादन बढ़ेगा।

पाकिस्तान से टकराव संभव

पाकिस्तान से टकराव संभव

पड़ोसी पाकिस्तान और चीने की सीमाओं पर तनाव एवं टकराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

अन्य देशों से नई ऊर्जा का प्रवाह

अन्य देशों से नई ऊर्जा का प्रवाह

सितम्बर-अक्टूबर 2015 में भारत अपने अन्तराष्ट्रीय सम्बन्धों में नवीन उर्जा का अनुभव करेगा।

सावधान रहें बड़े मंत्री

सावधान रहें बड़े मंत्री

प्रधानमंत्री के प्रधान नेतृत्व को सावधान रहना होगा। कई मंत्रालयों में उठापटक हो सकती है।

भारत के शत्रुओं का नाश होगा

भारत के शत्रुओं का नाश होगा

मंगल द्वारा भारत के प्रति शत्रुता रखने वाले राष्ट्र व संगठनों का नाश होने की उम्मीद है।

श‍िक्षा के क्षेत्र में बड़े आंदोलन होंगे

श‍िक्षा के क्षेत्र में बड़े आंदोलन होंगे

भारत का शैक्षणिक-वातावरण विद्यार्थियों द्वारा जनित आन्दोजलन से ग्रसित हो सकता है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+