दिल्ली चुनाव पर क्या कह रही है अरविंद केजरीवाल की कुंडली?
दिल्ली में 7 फरवरी यानी कल मतदान होने हैं और सभी तैयार हैं अपने इस अधिकार का प्रयोग करने के लिये। ऐसे में अरविंद केजरीवाल की कुंडली क्या कह रही है, इस पर हम चर्चा करने जा रहे हैं।
नाम अरविंद केजरीवाल, जन्म दिनांक-16 अगस्त 1968, जन्म समय-रात्रि 11:46 बजे, जन्म स्थान-हिसार (हरियाणा)। अरविन्द केजरीवाल की कुंडली बृषभ लग्न एवं बृषभ राशि की है जन्म कुंडली में वृष लग्न में चन्द्र, तीसरे भाव मे मंगल, चतुर्थभाव मे सूर्य, बुध, गुरु और शुक्र बैठे हैं जबकि केतु पंचम राहू एकादश और शनि नीच राशिगत द्वादश भाव मे बैठे हैं।
आप पार्टी के संस्थापक अरविन्द केजरीवाल का जन्म अगस्त 16 सन 1968 को रात्रि 11:46 बजे पर हुआ था। उस समय धरती पर वृष लग्न उदित हो रही थी। वृष एक स्थिर राशि है, जिस वजह से आपके स्वभाव में स्थिरता एंव अधिकार की भावना विद्धमान है। आप स्वभाव से हठी व दृढ़ निश्चयी हैं। आप गंभीर, विचारशील एंव सामाजिक जीवन में दिखावट पर अधिक जोर देते हैं।
केजरीवाल की जन्मतालिका में वर्तमान में गुरु की दशा में शुक्र की अन्तर एंव गुरु की प्रत्यन्तर दशा चल रही है। गुरु अष्टमेश एंव लाभेश होकर चतुर्थ खाने में सिंह राशि में बैठा है। शुक्र लग्नेश व षष्ठेश का कारक होकर चतुर्थ भाव में सूर्य व बुध के साथ संग्रस्त है। शुक्र एक स्त्री कारक ग्रह है। लग्न में उच्च का चन्द्र बैठा है। चन्द्र मन का संकेतक है जिस कारण केजरीवाल की मानसिक शक्ति में तर्क करने की उच्च प्रबलता परिलक्षित होती है।
और क्या-क्या कह रही है कुंडली
- वर्तमान में गुरु-बुध-शनि की विंशोत्तरी दशा उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा की चिंता बता रही है।
- मार्च 2015 से उनको दिल्ली का मुख्यमंत्री अथवा दिल्ली विधान सभा में विपक्ष का मजबूत नेता बना देगी।
- आदमी पार्टी और केजरीवाल के सितारे उनके राजनीतिक वापसी का अच्छा संकेत दे रहे हैं।
सूर्य का प्रभाव
राजनैतिक जीवन में सूर्य का अहम रोल होता है और अरविन्द केजरीवाल की कुंडली में चौथे भाव में सिंह राशी है। इसका स्वामी सूर्य अपने ही भाव में स्थित है यह सूर्य की अपनी राशि है जो उच्च पद और नाम शोहरत पैदा करता है। साथ ही चतुर्थ भाव में सूर्य, बुध , शुक्र और गुरु का साथ सिंह राशि में है।
- ये ग्रह नक्षत्र अपने आप में उन्हें एक कुशल और जूझारू व्यक्तित्व को दर्शाते हैं।
- सूर्य और गुरु एक प्रकार से राजनीती क्षेत्र और समाज सेवा से लाभ देते हैं।
- मार्च 2015 के बाद अरविंद केजरीवाल के सितारे फिर से बुलंद होने वाले हैं।
- सूर्य के प्रभाव से उनके फिर से मुख्यमंत्री बनने की संभावना बन रही है।
शनि का प्रभाव
शनि अपनी नीच राशि मेष में होकर भाग्य भाव और दशम भाव का प्रतिनिधित्व कर रहा है। विषाक्त नामक कालसर्प योग है, जो जातक के जीवन को अत्यन्त रहस्यमय बना देता है। शनि जनता एंव राजनीति दोनों का संकेतक है। विषाक्त नामक काल सर्पयोग का प्रभाव होने के कारण इतने अच्छे योग होने के बाद भी ऐसे इंसान को अपने अंदर आत्मविश्वास की कमी को दर्शाता है जो इन्हे आगे बढ़ने से रोक देता है।
जन्म कुंडली में दशा व गोचर अच्छा होते हुए भी केजरीवाल पर संकट टला हुआ नहीं कहा जा सकता है। गुरु में केतु की अन्तर्दशा चलेगी और केतु दूसरे भाव अर्थात मारक स्थान में स्थित है। लिहाजा विरोधी दल हावी हो सकते हैं।













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