अधूरा रह जायेगा सीएम बनने का मायावती का सपना: ज्योतिष
ज्योतिषाचार्य पं. अनुज के शुक्ल
तिलक तराजू और तलवार, इनके मारो जूते चार.... । इस नारे से अपनी राजनैतिक यात्रा शुरू करने वाली बसपा की मुखिया सुश्री मायावती ने काफी उतार चढ़ाव देखे, परन्तु सपनों को अपना बनाने वाली मायावती ने कभी हार नहीं मानी। इसी का परिणाम है कि वह अपने बलबूते पर राजनीति के चक्रवात में अपने-आपको स्थापित रखने के लिए हर हथकण्डे को अपनाया लेकिन, जब उनकी नैया बीच मझदार में फॅस गयी तो, उन्होने’ बुहजन हिताय, बहुजन सुखाय, रूपी केवट का सहारा लिया।
2007 के विधानसभा चुनावों में अप्रत्याशित विजय के साथ चौथी बार देश के सबसे बड़े प्रदेश की बागडोर संभाली। कोई भी राजनीति जातिवाद में तटस्थ नहीं है, क्योंकि राजनीति और वाद का वही सम्बन्ध है, जो जिन्दगी और स्वाद का है। जातिवाद से अधिक खतरनाक व्यक्तिवाद होता है, जिसके फॅलस्वरूप माया ने जनता की गाढ़ी कमाई का दुरूप्रयोग अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति में किया।
तल्ख तेवरों और कठोर अनुशासन के लिए जानी-जाने वाली मायावती ने उत्तर प्रदेश की जनता के सपनों पर पानी फेर दिया और बसपा की व्यापकता बढ़ाने के लिए अपने जन्म दिवस पर धन संग्रह करना अपने ऐजेण्डे में शामिल कर लिया। कोई भी व्यक्ति जब अपने चरम पर पहुंचता है, तो उसका तानाशानी रवैया स्वतः सक्रिय हो जाता है। इसलिए माया ने अपनी जिद के कारण न्यायपालिका की अवमानना करने में तनिक भी संकोच नहीं किया। वर्ष 2011 के अन्तिम चरण में पहुंचते-पहुंचते माया सरकार भ्रष्टाचार और घोटालों की सरकार बन गयी।
16वीं विधानसभा चुनावों में माया के सितारे-
मायावती का जन्म सिंह लग्न तथा धनिष्ठा नक्षत्र में हुआ है। सिंह लग्न एक स्थिर लग्न है। जिसके कारण माया के अधिकतर निर्णयों में स्थिरता दिखाई पड़ती है। लग्नेश सूर्य उर्जावान तथा सरकार का संकेतक ग्रह है। इसलिए माया सत्ता की सम्पूर्ण शक्ति को अपने ही हाथों में रखती है। सूर्य ग्रह का एक विशेष गुण होता है कि उसके परिक्षेत्र में जो भी आता है, उसका प्रभाव स्वतः अस्त हो जाता है। जिस कारण माया के समक्ष जाने से पूर्व उनके अपने व अधिकारीगण हनुमान जी का स्मरण करना नहीं भूलते है।
द्वितीय भाव वाणी का कारक माना जाता है। द्वितीयेश बुध षष्ठम भाव में लग्नेश सूर्य के साथ संग्रस्त है, जो यह दर्शाता है कि आपकी वाणी में तीखापन व कठोरता विद्यमान है। राजनीति का गुरू शनि ग्रह आपकी कुण्डली में षष्ठेश व सप्तमेश होकर चतुर्थ भाव में भाग्येश मंगल के साथ स्थित है। सप्तमेश व नवमेश का युति सम्बन्ध एक प्रबल राजयोग का निर्माण कर रहा है। शनि ग्रह नीले रंग का प्रतिनिधित्व करता है और बसपा पार्टी के झण्डे का रंग भी नीला है, इसलिए माया ने अपने शासन काल में नीले रंग की व्यापकता को बढ़ाया है।
चतुर्थेश और भाग्येश होकर मंगल चर्तुथ भाव में अपनी वृश्चिक राशि में स्थित होकर रूचक महापुरूष योग का निर्माण कर रहा है। आपकी कुण्डली में शनि व मंगल एक-दूसरे का सहयोग व समर्थन कर रहें है। शनि की महादशा एंव मंगल की अन्तरदशा में ही माया को उत्तर प्रदेश में पूर्णबहुमत से सरकार बनाने का अवसर मिला था।
शनि ग्रह न्याय, अनुशासन तथा समानता का संकेतक है। शनि व्यक्ति को सत्ता में फर्श से अर्श तक की यात्रा करवाता है तथा अन्याय, भ्रष्टाचार, महिला उत्पीड़न आदि पर नियन्त्रण रखने के लिए शक्ति भी प्रदान करता है। परन्तु यदि उस शक्ति का दुरूप्रयोग किया जाये तो, शनि सत्ताधारी पार्टी को उखाड़ फेकने में देर नहीं करता है। वर्तमान में शनि अपनी उच्च राशि तुला में संक्रमण कर रहा है। तुला का अर्थ है- तराजू, न्याय तथा सन्तुलन का प्रतीक है। तुला राशि नियम का परिवर्तन भी कराती है।
7 फरवरी 2012 को शनि वक्री होकर तुला राशि में संक्रमण करेगा। शनि जब मंद गति में चलता है, तो सभी को सुकून देता है, परन्तु जब वह तूफान का रूप लेता है तो, अत्याचारी, अन्यायी और भ्रष्टाचार रूपी बड़े-बड़े पेड़ों को भी पल भर में उखाड़कर फेंक देता है। वर्तमान में माया की कुण्डली में शनि की महादशा में गुरू का अन्तर चल रहा है, जो अक्टूबर 2012 तक चलेगा। गुरू पंचमेश व अष्टमेश होकर प्रथम भाव में स्थित है। अष्टम भाव हानि का संकेतक है। इन सभी संकेतों को एक साथ मिलाया जाय तो ये परिणाम सामने आते है कि वर्ष 2012 के विधान सभा चुनावों में बसपा पार्टी को लगभग 143 सीटें मिलने की सम्भावना है, लेकिन फिर भी पांचवी बार मायावती का उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बनने का सपना अधूरा रह जायेगा।
क्लिक करें- चुनाव संबंधित हर खबर और विश्लेषण आपके लिए












Click it and Unblock the Notifications