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AI Health: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस 10 साल पहले ही पकड़ लेगा बीमारी, गंभीर बीमारियों को लेकर करेगा सतर्क

AI Health: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल अब रिसर्च और मेडिकल फील्ड में हो रहा है। यूरोप के विशेषज्ञों ने एक ऐसा टूल बनाया है, जिससे 10 साल पहले ही भविष्य में होने वाली बीमारियों के बारे में अनुमान लगाया जा सकता है। माना जा रहा है कि इस तकनीक का इस्तेमाल अगर सफल रहा, तो कैंसर और हार्ट से जुड़ी गंभीर बीमारियों का पहले ही पता चल सकेगा। इससे आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और समय रहते ही अलर्ट हुआ जा सकेगा। यूरोप के व‍िशेषज्ञों ने Delphi-2M नाम का एआई टूल बनाया है।

यूरोप के वैज्ञानिकों के बनाए इस टूल को लेकर दावा किया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह क‍िसी इंसान में 10 साल बाद या उसके भी बाद होने वाली बीमार‍ियों का पूर्वानुमान लगा सकता है। अब तक इस तरह के प्रयोगों को सफल होते हुए हमने सिर्फ साइंस-फिक्शन फिल्मों में ही देखा है। अगर यह प्रयोग बड़े पैमाने पर सफल होता है, तो मेडिकल क्षेत्र में बड़ी क्रांति बन सकता है।

AI Health

Artificial Intelligence के इ्स्तेमाल से बीमारियों का चलेगा पता

एक्‍सपर्ट्स ने एक ऐसे एआई टूल के बारे में बताया है जो 1 हजार से ज्‍यादा बीमारियों का खतरा भांप सकता है। बताया जा रहा है कि इस आर्टिफिशियल टेक्नोलॉजी वाले टूल से अगले 10 साल और उससे भी आगे का पुर्वानुमान लगाया जा सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस तकनीक के लिए करीब 23 लाख लोगों के हेल्‍थ डेटा पर ट्रेनिंग दी गई है। मेडिकल क्षेत्र में यह टेक्नोलॉजी बड़ी क्रांति साबित हो सकती है। आम तौर पर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के देरी से पता चलने की वजह से इलाज नहीं हो पाता है।

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AI Health टूल के इस्तेमाल के लिए लाखों लोगों को मिलेगी ट्रेनिंग

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस एआई टूल को यूरोप के अलग-अलग देशों के मेडिकल रिसर्च से जुड़े एक्सपर्ट्स ने मिलकर तैयार किया है। इस टूल को तैयार करने में मॉल‍िक्‍यूलर बायलॉजी लेबोरेटरी, जर्मन कैंसर रिसर्च सेंटर और कोपनहेगन यूनिवर्सिटी के एक्‍सपर्ट्स ने मिलकर बनाया है। बताया जा रहा है कि इस एआई टूल को लार्ज लैंग्वेज मॉडल जैसे एल्गोरिद्म के आधार पर भी ट्रेनिंग दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, यूके बायोबैंक स्टडी की तरफ से 4 लाख लोगों, डेनिश नेशनल पेशंट रजिस्‍ट्री के 19 लाख मरीजों पर डेटा इस्तेमाल किया गया है।

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