'ममता बनर्जी ने नहीं सुनी बात, बार-बार किया अपमानित,' भारतीय क्रिकेटर का TMC पर बड़ा खुलासा
Manoj Tiwary: पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी ने राजनीति में अपने अनुभवों को लेकर बड़ा और सीधा आरोप लगाया है, जिसने पश्चिम बंगाल की सियासत में नई बहस छेड़ दी है। बंगाल में टीएमसी से अलग होने के बाद तिवारी ने अब खुलकर बताया है कि बीते पांच साल उनके लिए कितने मुश्किल और निराशाजनक रहे।
तिवारी के मुताबिक खेल मंत्री रहते हुए वे राज्य में खेलों के विकास के लिए कई योजनाएं लेकर आए थे, लेकिन उन्हें काम करने का मौका ही नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी लीडर अरूप बिस्वास ने लगातार उनके काम में बाधा डाली और उन्हें हाशिये पर रखा। हालात ऐसे हो गए थे कि खेल विभाग में उनकी भूमिका महज औपचारिक रह गई थी और वे खुद को पूरी तरह अलग-थलग महसूस करने लगे थे।

अपमानित करने का आरोप
फेसबुक पर वीडियो जारी कर उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें कई बड़े आयोजनों से दूर रखा गया। यहां तक कि डूरंड कप जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के दौरान मैदान में मौजूद रहने के बावजूद उन्हें आधिकारिक रूप से शामिल नहीं किया गया। तिवारी का दावा है कि उनकी अच्छी छवि से असहजता के कारण उन्हें बार-बार नजरअंदाज किया गया। उन्होंने यह भी इशारा किया कि लियोनेल मेसी से जुड़े कार्यक्रम में भी वे शामिल नहीं हुए, क्योंकि लगातार अपमानजनक व्यवहार के चलते उन्होंने खुद दूरी बना ली थी।
तिवारी ने अपने अनुभव साझा करते हुए यह भी कहा कि राज्य के खेल प्रेमियों के सामने कई बार ऐसी स्थितियां बनीं, जिससे उन्हें शर्मिंदगी महसूस हुई। उनका मानना है कि कुछ फैसलों और व्यवस्थाओं के कारण बड़े आयोजन भी सही तरीके से नहीं हो पाए, जिसका असर राज्य की छवि पर पड़ा।
ममता बनर्जी ने भी नहीं सुनी बात
अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए तिवारी ने बताया कि उन्होंने शिवपुर क्षेत्र के विकास से जुड़े कई मुद्दे उठाए और कैबिनेट बैठकों में भी अपनी बात रखने की कोशिश की। जब उन्होंने सीधे ममता बनर्जी के सामने अपनी बात रखने की कोशिश की, तो उन्हें पर्याप्त समय तक नहीं सुना गया। इस अनुभव ने उन्हें यह एहसास दिलाया कि उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
#WATCH | Former West Bengal Sports Minister Manoj Tiwary says, "In this video, I want to explain how my work has been hindered over the past five years. I want to share this. Arup Biswas (TMC leader and former minister) prevented me from working. I come from the sports world and… pic.twitter.com/isM4CMyRe1
— ANI (@ANI) May 6, 2026
सरकार ने जनता को नहीं दी प्राथमिकता
अंत में उन्होंने यह भी बताया कि जो कुछ भी झेला, उससे उन्हें यह समझ आ गया कि यह व्यवस्था लंबे समय तक नहीं चल सकती। उनके अनुसार सरकार ने जनता के बजाय अपने हितों को प्राथमिकता दी और वादों के विपरीत काम किया। अब उनके इन आरोपों ने राज्य की राजनीति में नई चर्चा को जन्म दे दिया है और आने वाले समय में इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो सकती हैं।












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