NEET Paper Leak Case: कौन हैं वो IAS, जिनके तार Rahul Gandhi ने नीट पेपर लीक से जोड़े? PM मोदी को भी घेरा
NEET Paper Leak 2026: देश में एक बार फिर NEET परीक्षा पर भारी विवाद छा गया है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने मंगलवार को NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी, जो 3 मई को आयोजित हुई थी। करीब 22.79 लाख छात्र-छात्राओं ने इस परीक्षा में हिस्सा लिया था। NTA के DG अभिषेक सिंह ने गड़बड़ी की जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए कहा कि परीक्षा दोबारा कराई जाएगी और 6-8 दिनों में नई तारीख घोषित की जाएगी। केंद्र सरकार ने पूरे मामले की जांच CBI को सौंप दी है और एजेंसी ने FIR दर्ज कर ली है।
इस फैसले के बाद विपक्षी दलों ने हमला बोल दिया है। राहुल गांधी ने NEET 2024 की भयंकर चोरी की याद दिलाई। राहुल गांधी ने मोदी सरकार और BJP पर NTA के डायरेक्टर जनरल को बचाने का आरोप लगाया गया है। यह वही डायरेक्टर जनरल थे, जो 2024 के NEET एग्जाम में हुई गड़बड़ियों के समय इस पद पर थे। आइए विस्तार से जानते हैं आखिर क्या राहुल गांधी ने कहा? कौन हैं ये IAS?

Rahul Gandhi ने क्या कहा?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर मोदी सरकार और BJP पर आरोप लगाया कि NTA के पूर्व DG को बचाया गया। उन्होंने युवाओं से अपील की, कि Google कीजिए - NEET 2024 की भयंकर चोरी के दौरान NTA का DG कौन था और मोदी सरकार ने उसे आज कहां बैठाया है? राहुल ने NEET को अब 'परीक्षा नहीं, नीलामी' बताया और कहा कि मेहनती छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को इनाम दिया जा रहा है।
Who Is IAS Subodh Kumar Singh: कौन हैं IAS सुबोध कुमार सिंह?
सुबोध कुमार सिंह, 1997 बैच के छत्तीसगढ़ कैडर के IAS अधिकारी हैं। उत्तर प्रदेश मूल के सिंह ने IIT रुड़की से इंजीनियरिंग (B.E. और M.E.) और IGNOU से MBA किया है। उनके पास 25 वर्ष से अधिक का प्रशासनिक अनुभव है। छत्तीसगढ़ में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहे, जिसमें रमन सिंह (BJP) के मुख्यमंत्री कार्यकाल में CMO में काम, विद्युत विभाग MD, खनिज संसाधन और उद्योग विभाग के सचिव शामिल हैं। उन्होंने केंद्रीय स्तर पर खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग में अतिरिक्त सचिव के रूप में भी काम किया।
NEET 2024 विवाद के दौरान वे NTA के DG थे। जून 2024 में उन्हें पद से हटा दिया गया। बाद में उन्हें स्टील मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव बनाया गया। दिसंबर 2024 के आसपास वे छत्तीसगढ़ लौटे और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रिंसिपल सेक्रेटरी नियुक्त हुए। उन्हें 2002 में MGNREGA कार्यान्वयन और 2019 में खनिज नीलामी में डिजिटल पारदर्शिता के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं।
NEET 2024 क्या हुआ था?
5 मई 2024 को हुई NEET-UG परीक्षा में बिहार, झारखंड समेत कई राज्यों में पेपर लीक और धांधली के आरोप लगे। पटना में गिरफ्तारियां हुईं। कुछ छात्रों को 'ग्रेस मार्क्स' दिए गए। 67 छात्र AIR-1 पर आए। सुप्रीम कोर्ट ने माना कि कम से कम 155 छात्रों को लीक का फायदा मिला, लेकिन पूरे एग्जाम को रद्द करने से इनकार कर दिया। NTA पर पारदर्शिता न रखने और लीक से इनकार करने के आरोप लगे। सुबोध कुमार सिंह DG थे, इसलिए नैतिक जिम्मेदारी उन पर आई। सरकार ने उन्हें हटाया और CBI जांच सौंपी।
NEET Paper Leak Case 2026: ताजा मामला क्या है? Sikar फोकस में
इस बार विवाद का केंद्र राजस्थान का सीकर बना है, जो कोटा के बाद कोचिंग हब के रूप में उभरा है। राजस्थान पुलिस की SOG जांच में पता चला कि नासिक के प्रिंटिंग प्रेस से कथित तौर पर पेपर निकला। हरियाणा के गुरुग्राम के एक डॉक्टर तक पहुंचा। जयपुर के जमवा रामगढ़ से सीकर के राकेश कुमार मंडावरिया (कोचिंग काउंसलर) तक। इसके बाद, 'गेस पेपर' (Guess Paper) में 120-140 सवाल असली पेपर से मैच कर गए। पेपर लीक का माया जाल दिल्ली, बिहार, केरल, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड आदि तक फैला। CBI ने नासिक प्रेस से जुड़े व्यक्ति को हिरासत में लिया है। जांच जारी है।
सरकार ने क्या कदम उठाए?
परीक्षा रद्द कर दी गई, री-एग्जाम होगा (नए रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं)। CBI को जांच सौंपी गई। NTA ने कहा कि हम जिम्मेदार हैं, विश्वसनीयता बनाए रखना जरूरी है।
छात्रों पर क्या असर?
22 लाख से ज्यादा युवा प्रभावित हुए हैं। कई छात्रों ने साल भर की मेहनत, कोचिंग फीस, लोन और परिवार की उम्मीदें लगाई थीं। विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इस घटना से परीक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल उठ रहे हैं।
NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना देश के भविष्य के लिए जरूरी है। 2024 के बाद 2026 में फिर लीक के आरोपों से सिस्टम में गहरी कमियों की ओर इशारा होता है। CBI जांच का इंतजार है, लेकिन छात्रों को जल्द निष्पक्ष री-एग्जाम और पारदर्शी प्रक्रिया की जरूरत है।













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