Chandranath Rath: क्या हिस्ट्रीशीटर ने किया 'रथ' का मर्डर? हत्या के जुड़े यूपी से तार! UPI ने खोला राज
Chandranath Rath Case update: 6 मई को बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी के पीए और बेहद करीबी चंद्रनाथ रथ के मर्डर के बाद बंगाल में भाजपा गुस्से से उबल रही है, इस मर्डर केस के तार पहले बिहार से जुड़े थे तो वहीं अब इसमें यूपी की भी एंट्री हो गई है। इस मामले में बंगाल पुलिस की STF ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है जिसमें एक में हिस्ट्रीशीटर भी शामिल है।
पीटीआई के मुताबिक तीनों आरोपियों को पश्चिम बंगाल लाए जाने के बाद उत्तरी 24 परगना जिले की एक अदालत में पेश किया गया, जिसके बाद उन्हें 13 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। 'इंडिया टूडे' की खबर के मुताबिक हिस्ट्रीशीटर का नाम विशाल श्रीवास्तव है, जो कि मूल रूप से बिहार के बक्सर का रहने वाला है और उसके ऊपर करीब 15 से ज़्यादा आपराधिक मामले दर्ज है, जिनमें मर्डर, लूट और डकैती के केस शामिल हैं।

बिहार पुलिस की सहायता से विशाल को बक्सर के पांडे पट्टी गांव से अरेस्ट किया गया है तो वहीं अन्य दो लोग जो गिरफ्तार हुए हैं, उनके नाम राज सिंह और मयंक के रूप में हुई है। ये तीनों बक्सर में ही साथ काम कर रहे थे, जिनमें से राज सिंह यूपी के बलिया का रहने वाला है लेकिन उसको अरेस्ट अयोध्या से किया गया है।
बलिया का रहने वाला है राज सिंह, अयोध्या से हुआ गिरफ्तार
कहा जा रहा है चंद्रनाथ की हत्या के बाद वो अयोध्या में जाकर छिप गया था। इन तीनों आरोपियों तक पुलिस एक 'डिजिटल सुराग ' के जरिए पहुंची है, दरअसल कोलकाता के पास बैली स्थित एक टोल प्लाजा के पास संदिग्धों ने एक UPI पेमेंट किया था। पुलिस टोल बूथ के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है, ताकि आरोपियों की हत्या से पहले और बाद की गतिविधियों के बारे सटीक रूप से पता लगाया जा सके।
सिल्वर रंग की निसान माइक्रा ने रोकी थी चंद्रनाथ की गाड़ी
मालूम हो कि 6 मई की रात करीब 10 बजे उत्तरी 24 परगना ज़िले के मध्यमग्राम में रथ की उनके घर के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार, उनके घर से लगभग 200 मीटर की दूरी पर उनकी SUV को एक सिल्वर रंग की निसान माइक्रा ने रोका था। जैसे ही गाड़ी रुकी पास खड़े बाइक पर सवार दो हमलावरों ने बेहद करीब से फायरिंग शुरू कर दी, रथ को कई गोलियां लगीं और उन्होंने दम तोड़ दिया।

हमलावरों ने तीन दिन तक इलाके की रेकी की थी: पुलिस
चंद्रनाथ गाड़ी की फ्रंट सीट पर बैठे हुए थे, जिस तरह से हमलावरों ने उन पर अटैक किया, उससे यही लगता है कि वो पहले से जानते थे कि चंद्रनाथ की गाड़ी में पोजिशन क्या है, इसी वजह से पुलिस का कहना है कि ये मर्डर पूरे प्लान के साथ किया गया था, हमलावरों ने तीन दिन तक इलाके की रेकी की थी। इस घटना से कुछ दूरी पर पुलिस को एक सिल्वर कलर की निसान माइक्रा एक लावारिस फार्म में मिली थी तो वहीं उसके हाथ दो मोटरसाइकिलें भी लगी हैं, जिन पर फेक नंबर प्लेट लगे हुए थे।














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