12वीं में ही इस शख्स के प्यार में पागल हो गई थीं Agnimitra Paul, परिवार से भी कर ली लड़ाई, फिर जो हुआ
Agnimitra Paul Love Story: अग्निमित्रा पॉल इस समय पश्चिम बंगाल की राजनीति में लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक उन्होंने आसनसोल दक्षिण विधानसभा सीट पर टीएमसी उम्मीदवार तापस बनर्जी को 40 हजार से ज्यादा वोटों के बड़े अंतर से हराकर शानदार जीत दर्ज की है। बीजेपी की बंगाल इकाई की उपाध्यक्ष के तौर पर अग्निमित्रा पॉल ने चुनाव के दौरान महिला वोटरों को पार्टी के पक्ष में जोड़ने में अहम भूमिका निभाई।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बजा बीजेपी का डंका
आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज यानी 9 मई 2026 (शनिवार) का दिन ऐतिहासिक बन गया है। दशकों तक वामपंथी शासन और उसके बाद लंबे समय तक ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार देखने वाले बंगाल में अब पहली बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सत्ता पर कब्जा कर लिया है। बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर राज्य की राजनीति में नया अध्याय लिख दिया है।

अग्निमित्रा पॉल बनीं बंगाल की मंत्री
महिला नेतृत्व को मजबूत करने के लिए पार्टी अग्निमित्रा पॉल को प्रमुख मंत्रालय सौंप सकती है। उनका नाम पश्चिं बंगाल चुनाव के शुरुआत से ही लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। राजनीतिक सफलता के बीच अब उनकी निजी जिंदगी और खासतौर पर उनकी लव स्टोरी भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है।
अग्निमित्रा पॉल की प्रेम कहानी
आपको बता दें कि अग्निमित्रा पॉल की प्रेम कहानी में प्यार, संघर्ष, परिवार का विरोध और अपने सपनों की कुर्बानी जैसे कई भावनात्मक मोड़ शामिल हैं। उनकी लव स्टोरी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है।
पहली मुलाकात में ही दिल हार बैठी थीं अग्निमित्रा पॉल
-अग्निमित्रा पॉल की मुलाकात उनके पति पार्थो पाॉल (Partho Paul) से साल 1992 में हुई थी। उस वक्त पार्थो अपने पारिवारिक कारोबार पॉल्सन ड्रग्स एंड केमिकल इंडस्ट्रीज से जुड़े हुए थे। बताया जाता है कि वह किसी काम के सिलसिले में अग्निमित्रा के पिता से मिलने पहुंचे थे।
-यहीं से दोनों की बातचीत शुरू हुई और पहली मुलाकात में ही एक खास कनेक्शन महसूस होने लगा था। एक इंटरव्यू में अग्निमित्रा ने बताया था कि पार्थो उन्हें बेहद सच्चे और ईमानदार इंसान लगे थे, जिसने उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित किया था।
प्यार के लिए छोड़ दिया डॉक्टर बनने का सपना
-जानकारी के अनुसार उस समय अग्निमित्रा पॉल अपनी 12वीं की पढ़ाई पूरी कर चुकी थीं और डॉक्टर बनने का सपना देख रही थीं। वह मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा की तैयारी भी करना चाहती थीं लेकिन जिंदगी ने अचानक नया मोड़ ले लिया था।
-पार्थो पॉल के साथ रिश्ते के मजबूत होने के बाद अग्निमित्रा ने अपने करियर की दिशा बदलने का फैसला किया। उन्होंने डॉक्टर बनने का सपना छोड़ दिया और अपने प्यार को प्राथमिकता दी। बाद में उन्होंने फैशन डिजाइनिंग की दुनिया में कदम रखा और वहां अपनी अलग पहचान बनाई।
परिवार को मंजूर नहीं था ये रिश्ता
-अग्निमित्रा और पार्थो का रिश्ता शुरुआत में आसान नहीं था। उनके माता-पिता चाहते थे कि बेटी अपनी पढ़ाई जारी रखे और डॉक्टर बने। ऐसे में दोनों को परिवार की नाराजगी और विरोध का सामना भी करना पड़ा था।
-हालांकि चार साल तक चले लंबे रिश्ते और आपसी समझ के बाद आखिरकार परिवार भी मान गया और दोनों ने शादी कर ली। आज इस कपल के दो बेटे हैं और दोनों अपनी खुशहाल फैमिली लाइफ जी रहे हैं।
पत्नी की उपलब्धियों पर गर्व करते हैं पार्थो पॉल
-एक इंटरव्यू में पार्थो पॉल ने कहा था कि उन्हें अपनी पत्नी अग्निमित्रा की ईमानदारी, मेहनत और काम के प्रति समर्पण पर बेहद गर्व है। उनके मुताबिक अग्निमित्रा ने हर क्षेत्र में खुद को साबित किया है और यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
-फैशन डिजाइनर से राजनीति तक का सफर तय करने वाली अग्निमित्रा पॉल आज बंगाल बीजेपी का बड़ा चेहरा बन चुकी हैं। उनकी प्रोफेशनल सफलता के साथ-साथ उनकी प्रेम कहानी भी लोगों को खूब प्रेरित कर रही है।













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