क्या गेहूं की गुणवत्ता से समझौता कर रहे हैं कुछ किसान ? शीर्ष सरकारी वैज्ञानिक ने किया चौंकाने वाला खुलासा

गेहूं उत्पादन (wheat) में गर्मी के कारण गिरावट के बीच क्या गेहूं की मात्रा और गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है ? पढ़िए चौंकाने वाली रिपोर्ट

नई दिल्ली, 21 जून : गेहूं उत्पादन (wheat production) में रिकॉर्ड गिरावट के बीच एक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट में एक शीर्ष वैज्ञानिक ने कहा है कि भारत में गेहूं के जीन बदलने की दिशा में कोशिशें की जा रही हैं। गेहूं की किस्मों को मौसम के अनुकूल बनाने का प्रयास किया जा सका है। हालांकि, इस वैज्ञानिक ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, गर्मी में अच्छी पैदावार वाली किस्में विकसित की गई हैं, लेकिन जिन इलाकों में ऐसी वेराइटी का प्रयोग हो रहा है, वहां गेहूं की पैदावार या गुणवत्ता से समझौता भी होता है। बता दें कि भारत में इस साल 20 साल में सबसे कम गेहूं का उत्पादन हुआ है।

कई राज्यों में गेहूं किसानों को घाटा !

कई राज्यों में गेहूं किसानों को घाटा !

दरअसल, भीषण गर्मी के कारण इस साल भारत में 20 साल में सबसे कम गेहूं का उत्पादन हुआ है। पंजाब, उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे प्रमुख गेहूं उत्पादक प्रदेशों के किसान फसल खराब होने के कारण लाखों रुपये के घाटे और कर्ज के बोझ से दबे होने की बात कर रहे हैं। खुद कृषि मंत्रालय ने उत्पादन पूर्वानुमान घटा दिया है। ऐसे में गेहूं की खेती करने वाले किसानों के बीच कई आशंकाएं हैं।

खेती में अधिक पानी की खपत

खेती में अधिक पानी की खपत

गेहूं की खराब फसल या कम उत्पादन का प्रमुख कारण हीटवेव रहा है। खेती पर मौसम के प्रभाव के संबंध में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा जारी अध्ययनों के अनुसार, आंध्र प्रदेश, पंजाब और राजस्थान जैसे राज्यों में "उच्च वाष्पीकरणीय मांग" (high evaporative demand) देखी जा रही है। ICAR के मुताबिक वाष्पीकरण डिमांड बढ़ने के कारण खेती में पानी की खपत 30% अधिक हो रही है।

पर्यावरण बचाने के प्रयास काफी नहीं

पर्यावरण बचाने के प्रयास काफी नहीं

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट में शीर्ष सरकारी वैज्ञानिक ने नाम न छापने का अनुरोध करते हुए कहा, जलवायु परिवर्तन से जुड़ी चेतावनियां गंभीर हैं, लेकिन पर्यावरण संरक्षण के उपाय उतनी तेज गति से नहीं किए गए हैं। उन्होंने बताया कि गर्मी सहन करने वाली गेहूं की किस्मों की खोज और विकास के प्रयास हो रहे हैं।

गेहूं की गुणवत्ता से समझौता !

गेहूं की गुणवत्ता से समझौता !

एचटी की रिपोर्ट में सरकारी वैज्ञानिक के हवाले से कहा गया, भारत में मौजूद गेहूं की तमाम किस्मों में जर्मप्लाज्म (germplasm) की स्क्रीनिंग पर काम चल रहा है, लेकिन हम उस स्तर तक नहीं पहुंचे हैं, जहां गेहूं का जीन आसानी से बदला जा सके। वैज्ञानिक ने बताया कि जहां गर्मी प्रतिरोधी किस्में विकसित की गई हैं, इन इलाकों में गेहूं की पैदावार या गुणवत्ता से समझौता होता है।

भारत से गेहूं निर्यात पर रोक

भारत से गेहूं निर्यात पर रोक

गौरतलब है कि भारत ने विगत 14 मई को गेहूं निर्यात बंद करने का ऐलान किया था। भारत के इस फैसले से दुनियाभर में हड़कंप मच गया था। यूरोपीय यूनियन समेत कई देशों की ओर से भारत से फैसले पर दोबारा विचार की अपील की गई, लेकिन भारत ने कई मंचों से दो टूक कहा कि घरेलू हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने उचित फैसला लिया है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+