किसान ने ₹10 हजार से शुरू की सूरजमुखी की खेती, पहले साल ही 6 लाख का मुनाफा
राजकोट। आप किसान हैं और अपनी पारंपरिक खेती से संतुष्ट नहीं हैं तो इस तरीके को अपना सकते हैं। गुजरात में राजकोट के रहने वाले राम वरु सूरजमुखी की खेती करते हैं। उन्होंने 10 हजार रुपए से इसकी खेती शुरू की, और पहले साल में ही उन्हें 6 लाख रुपए का मुनाफा हुआ। राम अब सूरजमुखी के फूलों की खेती यानी फ्लोरीकल्चर से इतने संतुष्ट हैं कि हर किसी को यही करने की सलाह देते हैं।

राजकोट के राम को भायी सूरजमुखी
राम कहते हैं कि, किसान अपनी पारंपरिक खेती में मुनाफा नहीं पाते तो परेशान रहते हैं, उूपर से कई परिवार कर्जतले भी दब जाते हैं। हमारे यहां भी पारंपरिक खेती खूब करते हैं, लेकिन मौसम की मार से आए साल नुकसान भी बहुत उठाना पड़ता है। इसलिए कुछ सालों से मैं कुछ नया करने की सोच रहा था। मेरे पास ज्यादा पैसे भी नहीं थे। उसी दौरान मैं कुछ ऐसे किसानों से मिला जो फूलों की खेती करते थे। उनके कहने पर ही मैंने सूरजमुखी के फूलों की खेती की शुरुआत की।

15 बीघे जमीन पर बो दिए बीज
बकौल राम, "जब अपनी 15 बीघे जमीन पर मैंने ज्वार-गेहूं इत्यादि फसलों के बजाए सूरजमुखी की खेती करने लगा, तो लोगों को लगता था कि ये क्या बचा लेता होगा? बाद में उन लोगों को इसकी अहमियत पता चली, जब मुझे पहले ही साल करीब 6 लाख रुपए की कमाई हुई। अब हम इसकी मार्केटिंग भी कर रहे हैं।"

सर्दियों में होती है इस फूल की खेती
राम ने कहा, "सूरजमुखी के पौधे ठंडे प्रदेशों में होते हैं। मैंने भी पिछले साल सर्दी के मौसम में इसकी शुरुआत की। हमारी फसल 6 महीने में तैयार हो गई। सूरजमुखी के फूल और बीज दोनों खूब मिले, हमने उन्हें बेचा और खूब मुनाफा हुआ।"

गाय भैंस का गोबर हो, केमिकल की जरूरत नहीं
राम ने कहा, "इस खेती में सबसे अच्छी बात यह है कि, यह प्राकृतिक तरीके से होती है और बाहर से कोई केमिकल या खाद नहीं डालते। हम तो गाय-भैंस के गोबर से बने का खाद को डालते हैं, जिससे लागत भी कम आती है।"
"इससे अच्छा क्या हो सकता है कि 10 हजार रुपए से भी कम में इसकी खेती की जा सकती है, और इसे उगाने में भी कोई खास परेशानी नहीं होती है। इसमें लागत भी कम आती है।"

दुनिया में कहां ज्यादा पैदावार?
सूरजमुखी की पैदावार सबसे ज्यादा रूस और यूक्रेन जैसे देशों में होती है। वहां ज्यादातर किसान यही खेती करते हैं, इसलिए सूरजमूखी यूरोप के सबसे पसंदीदा फूलों में से एक है। वैसे रूस-यूक्रेन गेहूं और जौ के भी बड़े उत्पादक हैं। वहां आलू-चुकदंर भी खूब होता है।"












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