PICs: बाढ़ में बर्बाद हुई अरबों की फसल तो सहायता राशि कैसे हुई भरपाई!
बिहार बाढ़ में सिर्फ फसल की अगर बात करें तो अब तक कर राज्य में ग्यारह अरब की फसल बर्बाद हो चुकी है। ऐसे में सरकार के द्वारा 2600 करोड़ की सहायता राशि से कैसे बाढ़ पीड़ित लोगों की भरपाई हो सकेगी।
पटना। बिहार में आई बाढ़ की विनाशलीला में अपना रौद्र रूप कुछ इस कदर दिखाया कि पानी कम होने के बाद भी लोगों को चारों तरफ घनघोर अंधेरा नजर आ रहा है। हर तरफ मजबूरी के हालात ऐसे हैं कि पेट की आग बुझाने के लिए भी उन्हें सरकार की सहायता राशि का इंतजार करना पड़ रहा है। एक तरफ जहां बाढ़ की विनाशलीला ने घर उजाड़ दिए तो दूसरी तरफ खाने की फसलों को भी बर्बाद कर दिया।

कई लोग तो ऐसे हैं कि जिन्होंने इस बाढ़ के रौद्र रूप में परिवार चलाने वाले को ही खो दिया। हालांकि इन सभी की समस्या को देखते हुए सरकार काफी गंभीर है और बाढ़ पीड़ित लोगों की सहायता के लिए 2600 करोड़ की सहायता राशि देने का आदेश जारी कर दिया है तो दूसरी तरफ पानी के रौद्र रूप ने जो तबाही मचाई है। उसमें सिर्फ फसल की अगर बात करें तो अब तक कर राज्य में ग्यारह अरब की फसल बर्बाद हो चुकी है। ऐसे में सरकार के द्वारा 2600 करोड़ की सहायता राशि से कैसे बाढ़ पीड़ित लोगों की भरपाई हो सकेगी।


जानकारी के मुताबिक इस बार बिहार में आई बाढ़ की तबाही में अब तक 11 अरब रुपए की फसलों को चौपट किया है। और इस आकंड़े में बढ़ोतरी होने की आशंका जताई जा रही है। कृषि विभाग के द्वारा प्रारंभिक आकलन करते हुए आपदा प्रबंधन विभाग को रिपोर्ट दी गई है कि अब तक बिहार में बाढ़ से 11 अरब रुपए की फसल बर्बाद हो चुकी है। बिहार के कृषि मंत्री डॉक्टर प्रेम कुमार ने अपने विभाग के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की जिसके बाद उन्होंने बताया कि बाढ़ का पानी अभी भी कई इलाकों से पूरी तरह नहीं निकल पाया है। तो किसानों की छतिपूर्ति की सरकार हर संभव कोशिश कर रही है।

विभाग को अब तक जिले के द्वारा जो रिपोर्ट दी गई है उसके मुताबिक 8.10 हेक्टेयर में फसलों की क्षति हुई है जिसमें 6.67 लाख हेक्टेयर में धान, 68 हजार हेक्टेयर में गन्ना, 42 हजार हेक्टेयर में मक्का और 33 हजार हेक्टेयर में अन्य फसलें पूरी तरह चौपट हो चुकी हैं। इस तरह बाढ़ में बर्बाद हुए कुल फसल का आकंडा ग्यारह अरब तक पहुंचता है और इस में बढ़ोतरी होने की बात बताई जा रही है। तो दूसरी तरफ सरकार के द्वारा कैबिनेट की बैठक में बाढ़ पीड़ित लोगों को सहायता राशि के रूप में 2600 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। बता दें कि कैबिनेट की बैठक में राज्य सरकार के द्वारा बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच प्रति परिवार एक फूड पैकेट का वितरण किए जाने के लिए 104.78 करोड़ रुपए स्वीकृत किया गया है। तो प्रति फूड पैकेट 275 रुपए के हिसाब से राशि की स्वीकृति कैबिनेट ने दी है।

बाढ़ की विनाशलीला में हुई बर्बादी के सामने सरकार की सहायता राशि कुछ भी नहीं...
बाढ़ के कहर में अपना सब कुछ बर्बाद कर चुके लोगों का कहना है कि सरकार के द्वारा मुआवजे की राशि देने का ऐलान किया गया है। वो बर्बादी से काफी कम है और उसे लेने के लिए भी काफी संघर्ष का सामना करना पड़ता है। ऐसे में तब तक हम लोग क्या करेंगे जब तक सरकार की सहायता राशि नहीं मिलती। ये हालात एक हमारा ही नहीं पूरे इलाके का है। ऐसे में ना तो कोई मदद करने वाला है और ना ही कोई दर्द बांटने वाला। भरोसा है एक सिर्फ सरकार पर लेकिन उसने भी जो सहायता राशि और मुआवजा देने का ऐलान किया है वो कब मिलेगा ये पता नहीं।
ऐसे हालात सिर्फ एक बार ही नहीं आए हैं आज से पहले भी कई बार इस तरह की भयानक बाढ़ में सब कुछ बर्बाद कर दिया था लेकिन सरकार के द्वारा इसे रोकने के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं की जा रही है। हर साल हम लोग बाढ़ के कहर से प्रभावित होते हैं और अपने साल भर की कमाई को अपनी आंखों के सामने पानी में बर्बाद होते देखते हैं। ऐसा कब तक चलेगा इसके लिए सरकार को कोई ठोस कदम उठाना चाहिए।












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