किसानों के लिए बुरी खबर, सामान्य से कम रहेगा मानसून

देश में धान की फसल ज्यादातर मानसून की बारिश पर निर्भर करती है। इसकी पैदावार के लिए जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश की जरूरत होती है। अगर इन महीनों में बारिश कम होती है तो धान की पैदावार में कमी हो सकती है। हालांकि मौसम विभाग ने यह भी संभावना भी जताई है कि यह आंकड़े इससे कम भी जा सकते हैं।
कम बारिश का सबसे ज्यादा असर उत्तर प्रदेश और पंजाब के कई हिस्सों में पड़ेगा जो खेती के हिसाब से बहुत उपजाऊ बेल्ट मानी जाती हैं। ऐसे में यहां सूखा पड़ने से पूरे देश में आने वाले समय में अनाज की कमी हो सकती है। उत्तर भारत के ज्यादातर राज्यों में इस सीजन में धान ही मुख्य फसल होती है।
देश में जहां लगभग 80 प्रतिशत जनसंख्या खेती पर निर्भर करती है। ऐसे में बारिश कम होने की खबर हमारे पूरे देश के लिए बुरी खबर है। देश के किसान बस यही दुआ कर रहे होंगे कि मानसून विभाग का यह पूर्वानुमान गलत साबित हो और मेघा जमकर बरसें।












Click it and Unblock the Notifications