राजस्थान-मप्र के बाद टिड्डियों का यूपी में धावा, 1 झुंड 1 घंटे में चट कर रहा 1 एकड़ फसल
आगरा। राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई जिलों में फसलें चट करने के बाद टिड्डियों का दल अब उत्तर प्रदेश पहुंच गया है। यहां आगरा, ललितपुर और झांसी समेत कई जिलों में कोहराम मच गया है। कोरोना महामारी के बीच किसानों पर आई इस विपदा ने सरकार को राज्यव्यापी अलर्ट घोषित करने के लिए बाध्य कर दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार, सूबे के 17 जिलों- आगरा, अलीगढ़, मथुरा, बुलंदशहर, हाथरस, एटा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, फर्रुखाबाद, औरैया, जालौन, कानपुर, झांसी, महोबा, हमीरपुर और ललितपुर में टिड्डियों का प्रकोप देखने को मिलेगा। इस स्थिति से निपटने के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों की बैठकें चल रही हैं।

टिड्डी दल से यहां 17 जिलों के प्रभावित होने की आशंका
इस विकट स्थिति से निपटने के लिए, कृषि विभाग ने किसानों को शिक्षित करने के लिए एक बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया है कि कैसे एक टिड्डी दल को एक क्षेत्र तक ही सीमित रखा जाए। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, टिड्डियों का एक बड़ा झुंड एक घंटे के भीतर एक एकड़ फसल खा सकता है। सूचना मिलने पर झांसी पहुंचे उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के अधिकारियों ने पाया है कि, टिड्डियां तेजी से अन्य जिलों की तरफ बढ़ रही हैं।

मप्र के 12 जिलों में मचा कोहराम
झांसी जिले के बाहरी इलाके में फैले टिड्डियों के झुंड को देखते हुए शनिवार शाम अधिकारियों ने अलर्ट जारी किया। यहां जिला प्रशासन ने टिड्डियों के झुंड को काबू करने के लिए रसायनों के छिड़काव कराने के साथ फायर ब्रिगेड को निर्देशित किया है। इस संबंध में एक आपातकालीन बैठक की अध्यक्षता करने वाले जिला मजिस्ट्रेट आंद्रा वामसी ने कहा, "आम जनता के साथ-साथ किसानों से कहा गया है कि वे टिड्डियों के झुंड के बारे में कंट्रोल रूम को सूचित करें। टिड्डे उन स्थानों पर जाएंगे, जहां हरी घास या हरियाली है। इसलिए, ऐसी जगहों की जानकारी साझा की जानी चाहिए।"

कोटा से झांसी आई विशेष टीम
उप निदेशक कृषि कमल कटियार ने कहा, "टिड्डियों का झुंड, जो अभी आगे बढ़ रहा है, आकार में छोटा है। हमें खबर मिली है कि टिड्डियों का लगभग 2.5 से 3 किलोमीटर लंबा झुंड देश में प्रवेश कर चुका है। टिड्डियों से निपटने के लिए कोटा (राजस्थान) से एक टीम आई है।"
उन्होंने कहा कि, टिड्डे का झुंड वर्तमान में बंगरा मगरपुर में है। वहीं, आगरा में जिला प्रशासन ने रासायनिक स्प्रे के साथ 204 ट्रैक्टर तैनात किए हैं।

भारत में कब दी टिड्डियों ने दस्तक?
इस साल की शुरूआत, यानी जनवरी में टिड्डियां राजस्थान गुजरात में देखी गई थीं। उसके बाद खत्म हो गईं। अब पहली बार अप्रैल के दूसरे सप्ताह में देश के अंदर टिड्डी दल के हमले की पुन: सूचना जारी की गई, जब ये पाकिस्तान से उड़कर राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में घुसी थीं। बताया जा रहा है कि, टिड्डियों का झुंड 17 मई को मध्य प्रदेश के मंदसौर और नीमच में आया। फिर 10 और जिलों में भी झुंड पहुंच गया। ये जिले हैं- मंदसौर, नीमच, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर इंदौर, खरगोन, मुरैना और श्योपुर, जो कि सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।

इस तरह यूपी पहुंचीं टिड्डियां
वहीं, राजस्थान के दौसा जिले में 20 मई को टिड्डियों के झुंड देखे गए। पाँच दिनों में, उन्होंने अजमेर से दौसा पहुँचने के लिए लगभग 200 किमी की दूरी तय की थी। बहरहाल, करीब एक दशक बाद टिड्यिों का मप्र में इस तरह का बड़ा हमला हुआ है, जिसने कम से कम 12 जिलों में खड़ी फसलों को तबाह कर दिया। टिड्डियां अब यूपी में प्रवेश कर चुकी हैं, ये भी चिंता का बड़ा सबब है।












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