Wife Kills Husband: 128 किलो की पत्नी जब पति की छाती पर बैठी, तड़प-तड़पकर मौत! पर्दे के पीछे ये Twist
Wife Kills Husband: भोर का सन्नाटा था। अचानक घर से चीखने की आवाज ने हर किसी को खौफ में डाल दिया। पड़ोसियों का दिल दहल गया और वजह सुनकर दिमाग चकरा गया। एक 128 किलो वजन की पत्नी अचानक पति की छाती पर जा बैठी।
कुछ ही मिनटों में पति की सांसें रुक-रुककर थमने लगी। आननफानन अस्पताल की तरफ दौड़े सभी। लेकिन बहुत देर हो चुकी थी। सवाल उठता है- आखिर क्या वजह थी? पत्नी ने ऐसा क्यों किया? कहानी में क्या ट्विस्ट है - आइए अपने कैमरे को 'जूम-इन' करते हैं...

सुबह का हादसा, जो बन गया त्रासदी!
दरअसल, ये कहानी 2016 गुजरात के राजकोट की रमधाम सोसाइटी की है, जो 2025 में तेजी से वायरल हो रही है। भोर करीब 4 बजे एक सुखी परिवार में हड़कंप मच गया। नटवरलाल और 68 साल की मंजुला का बेटा आशीष सांस की तकलीफ से जूझ रहा था। मां मंजुला, जो अपने बेटे की सेहत को लेकर हमेशा चिंतित रहती थीं, दवा लेने के लिए जल्दी-जल्दी सीढ़ियां चढ़ने लगीं। उसके पीछे-पीछे पति नटवरलाल भी था। लेकिन तभी मंजुला का पैर फिसला, और 128 किलो का उनका शरीर सीधे नटवरलाल पर आ गिरा। ये हादसा इतना जोरदार था कि नटवरलाल को संभलने का मौका ही नहीं मिला। उसके सिर और शरीर पर गंभीर चोटें लगीं, और खून बहने लगा।
हॉस्पिटल में दुखद अंत: पति के साथ पत्नी की भी मौत
परिवार में अफरा-तफरी मच गई। आशीष की पत्नी निशा, जो दवा लेने नीचे आई थी, अपने सास-ससुर को बचाने की कोशिश में फर्श पर फिसल गई। पड़ोसियों की मदद से नटवरलाल और मंजुला को नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया। लेकिन डॉक्टरों ने जो बताया, वो सुनकर पैरों तले जमीन खिसक गई। नटवरलाल की सिर में गंभीर चोटों और मस्तिष्क रक्तस्राव (सेरेब्रल हेमरेज) के कारण मौत हो चुकी थी। मंजुला की हालत भी नाजुक थी, और इलाज के दौरान उसकी भी सांसें थम गईं। निशा को भी चोटें आईं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। एक सुबह, जो बेटे की चिंता से शुरू हुई, पूरे परिवार के लिए त्रासदी बन गई।
पुलिस ने क्या कहा? 'बेटे की चिंता बनी वजह'
राजकोट तालुका पुलिस ने बताया- 'नटवरलाल और मंजुला अपने बेटे आशीष की सेहत को लेकर हमेशा परेशान रहते थे। उस सुबह जब आशीष को सांस की तकलीफ हुई, मंजुला घबराकर जल्दी में सीढ़ियां चढ़ रही थीं। उनका 128 किलो वजन और हड़बड़ी इस हादसे की वजह बनी।' पुलिस ने इसे दुर्घटना माना और कोई केस दर्ज नहीं किया। लेकिन ये खबर सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गई, और लोग इस 'अनहोनी' पर हैरानी जता रहे हैं।
पड़ोसियों की जुबानी: 'खुशहाल था परिवार'
रमधाम सोसाइटी के पड़ोसियों के मुताबिक, नटवरलाल और मंजुला एक खुशहाल परिवार का हिस्सा थे। आशीष और निशा के साथ वो प्यार से रहते थे। एक पड़ोसी ने कहा, 'किसे पता था कि बेटे की चिंता में माता-पिता की जिंदगी ही चली जाएगी?' ये हादसा अब पूरे राजकोट में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग मंजुला के भारी वजन और सीढ़ियों की हड़बड़ी को इस त्रासदी का कारण मान रहे हैं।
Viral Twist: सोशल मीडिया पर 'वजन' का तंज!
सोशल मीडिया पर ये खबर वायरल होने के बाद लोग तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। कुछ ने लिखा, '128 किलो का वजन कोई मजाक नहीं, ये तो हादसा होना ही था!' तो कुछ ने मजाक में कहा, 'सीढ़ियां चढ़ने से पहले वजन चेक कर लिया करो!" लेकिन कई लोग इस दुखद घटना पर शोक जता रहे हैं, और कह रहे हैं कि ये एक सबक है - जल्दबाजी और असावधानी कितनी खतरनाक हो सकती है।
वो चौंकाने वाला ट्विस्ट!
हादसे का असली ट्विस्ट ये है कि ये सिर्फ नटवरलाल की मौत नहीं हुई, साथ में उसकी पत्नी मंजुला की भी हादसे में चोटिल होने के कारण जान गई। उनकी हड़बड़ी, बेटे की चिंता, और सीढ़ियों की फिसलन ने मिलकर इस त्रासदी को जन्म दिया। अगर मंजुला ने एक पल रुककर सावधानी बरती होती, शायद ये कहानी दूसरी होती। ये हादसा हमें याद दिलाता है कि जिंदगी की भागदौड़ में एक छोटी सी चूक कितना बड़ा नुकसान कर सकती है।
आप क्या सोचते हैं?
ये दुखद कहानी सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक सबक है। क्या आपने कभी सोचा कि रोजमर्रा की जल्दबाजी कैसे जिंदगी बदल सकती है? या फिर वजन और सेहत का ध्यान रखना कितना जरूरी है? इस वायरल खबर ने राजकोट से लेकर सोशल मीडिया तक तहलका मचा दिया है। आपका क्या ख्याल है - ये महज एक हादसा था, या कुछ और? कमेंट्स में बताइए...
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