Palakkad रेलवे स्टेशन पर युवक का जबड़ा अटका, रेलवे डॉक्टर ने यूं बचाई जान – वायरल VIDEO ने मचाया तहलका!
Palakkad Railway Station Video : केरल के पालक्काड जंक्शन रेलवे स्टेशन पर एक चौंकाने वाली घटना ने सबको हैरत में डाल दिया। एक 24 वर्षीय युवक का जबड़ा अटक गया, और वह मुंह बंद नहीं कर पा रहा था। रेलवे के मंडल चिकित्सा अधिकारी (DMO) डॉ. जितिन पीएस ने तुरंत पहुंचकर आपातकालीन उपचार किया, जिससे युवक की हालत स्थिर हुई। इस घटना का वीडियो दक्षिण रेलवे ने X पर शेयर किया, जो वायरल हो गया।
एक यूजर ने कमेंट किया, 'उबासी में मुंह ज्यादा खोलने से ऐसा हो जाता है। गाल की मालिश से 2-3 मिनट में ठीक हो सकता है।' आइए, इस घटना, पालक्काड स्टेशन की खासियत, और जबड़े अटकने की स्थिति पर नजर डालते हैं।

घटना का पूरा ब्योरा: रेलवे की त्वरित कार्रवाई
घटना शनिवार को पालक्काड जंक्शन के प्लेटफॉर्म 2 पर हुई। कन्याकुमारी-डिब्रूगढ़ विवेक एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 22503) में यात्रा कर रहे एक युवक को अचानक जबड़े में दर्द शुरू हुआ, और वह मुंह बंद नहीं कर पाया। यात्रियों की सूचना पर स्टेशन स्टाफ ने तुरंत DMO डॉ. जितिन पीएस को बुलाया।
डॉ. जितिन (Dr Jithin PS) ने बताया, 'युवक को टेम्पोरोमैंडिबुलर जॉइंट (TMJ) डिसलोकेशन हुआ था। हमने मैनुअल रिडक्शन तकनीक से 5 मिनट में जबड़ा सेट किया।' उपचार के बाद युवक ने बिना देरी के यात्रा जारी रखी। वायरल वीडियो में डॉ. जितिन को जबड़े पर नीचे और पीछे दबाव डालते देखा गया, जो TMJ डिसलोकेशन का मानक इलाज है। वीडियो को 3 लाख+ व्यूज और सैकड़ों कमेंट्स मिले। दक्षिण रेलवे ने X पर लिखा, 'पालक्काड जंक्शन पर त्वरित चिकित्सा सहायता। यात्री सुरक्षित यात्रा पर।'
Palakkad Junction: केरल का प्रमुख स्टेशन
पालक्काड जंक्शन दक्षिण रेलवे के पालक्काड डिवीजन का महत्वपूर्ण स्टेशन है।
- महत्व: कोयंबटूर और त्रिवेंद्रम को जोड़ता है। मालाबार क्षेत्र का पर्यटन केंद्र। रोजाना 50+ ट्रेनें रुकती हैं।
- सुविधाएं: 4 प्लेटफॉर्म, फ्री वाई-फाई, रेलवे अस्पताल, और 24/7 मेडिकल यूनिट। इस घटना में मेडिकल सुविधा ने तेजी दिखाई।
- पर्यटन: पालक्काड मालमपुझा डैम, नेल्लियामपथी हिल्स, और साइलेंट वैली नेशनल पार्क के लिए प्रसिद्ध है।
जबड़ा अटकना: क्या है TMJ डिसलोकेशन?
टेम्पोरोमैंडिबुलर जॉइंट (TMJ) डिसलोकेशन तब होता है, जब जबड़ा अपनी जगह से खिसक जाता है। यह बीमारी नहीं, बल्कि अस्थायी स्थिति है।
- कारण: उबासी, जोर से हंसना, बड़ा खाना चबाना, या चोट। तनाव या दांतों की असमानता भी कारण हो सकती है।
- लक्षण: मुंह बंद न होना, दर्द, बोलने में परेशानी।
- इलाज: मैनुअल रिडक्शन (डॉक्टर द्वारा जबड़ा सेट करना), दर्द निवारक, या गंभीर मामलों में सर्जरी।
- रोकथाम: ज्यादा मुंह न खोलें, तनाव कम करें, नियमित डेंटल चेकअप।
रेलवे की मेडिकल ताकत
डॉ. जितिन ने कहा, 'यह आम समस्या है, लेकिन तुरंत इलाज जरूरी।' X पर एक यूजर ने लिखा, 'गाल की मालिश से फौरी राहत मिल सकती है।' यह वाकया रेलवे की आपातकालीन मेडिकल सेवाओं की ताकत को दर्शाता है। डॉ. जितिन की सूझबूझ और पालक्काड की मेडिकल यूनिट ने युवक को नया जीवन दिया। धनतेरस की भीड़ से पहले यह घटना स्टेशनों पर मेडिकल तैयारी की अहमियत बताती है।
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