Panchayat ByElections: आंध्र प्रदेश उपचुनाव में YSRC का दावा- 53 सरपंच व 810 वार्ड सदस्य पद जीते
आंध्र प्रदेश में पंचायत सरपंच और वार्ड सदस्य पदों के लिए शनिवार को हुए उपचुनाव में वाईएसआरसी समर्थित उम्मीदवारों ने भारी बहुमत से जीत हासिल की है।
Andhra Pradesh bypolls 2023: आम चुनावों से पहले आंध्र प्रदेश में वाईएसआरसी के लिए पंचायत सरपंच और वार्ड सदस्यों के उपचुनाव में शानदार नतीजे आए हैं। उपचुनाव में संकेत मिला है कि वाईएसआरसी समर्थिक उम्मीदवार अधिक जीते हैं। हालांकि विपक्षी टीडीपी का दावा है कि उपचुनाव में जीत हासिल करने वाले अधिकांश उम्मीदवारों को उसका समर्थन मिला हुआ है।

मौत हो जाने या अन्य किसी कारण से प्रदेश में सरपंचों के 66 पद खाली पड़े थे। दो सीटों पर उपचुनाव नहीं हुए। शेष 64 पदों पर चुनाव होने थे। 30 पर सर्वसम्मति से सरपंच चुना गया जबकि 34 पर शनिवार को मतदान हुआ था। दावा है कि 34 में से 23 सरपंच वाईएसआरसी समर्थक बने हैं जबकि टीडीपी समर्थकों की संख्या 10 व एक सरपंच जन सेवा पार्टी समर्थक है।
निर्विरोध चुने गए 30 सरपंचों को मिलाकर वाईएसआरसी का यह भी दावा है कि अब उसके समर्थक सरपंचों की संख्या 53 हो गई। वहीं, बात अगर वार्ड सदस्यों के उपचुनाव की जाए तो कुल 1,062 पद रिक्त थे। इनमें से 756 वार्ड सदस्य सर्वसम्मति से चुने गए। विभिन्न कारणों से 63 सीटों पर चुनाव स्थगित कर दिया गया। 243 वार्ड सदस्य पदों के लिए उपचुनाव हुए थे। निर्विरोध चुने गए समेत वाईएसआरसी द्वारा समर्थित उम्मीदवारों ने 810 वार्ड सदस्य पद हासिल किए, जबकि 182 उन लोगों के पास गए जो टीडीपी द्वारा समर्थित थे और सात उन लोगों के पास गए जो जन सेना पार्टी द्वारा समर्थित थे।
सत्तारूढ़ दल ने यह भी दावा किया कि कुप्पम विधानसभा क्षेत्र में छह वार्ड सदस्य पदों में से, जिसका प्रतिनिधित्व टीडीपी प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू करते हैं, पांच वाईएसआरसी द्वारा समर्थित उम्मीदवारों द्वारा जीते गए। वाईएसआरसी के राज्य संयोजक वी विजयसाई रेड्डी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर राज्य में पंचायत उपचुनावों के नतीजों पर टिप्पणी करते हुए कहा, "एक बार फिर यह साबित हो गया है कि चाहे कोई भी चुनाव हो, वाईएसआरसी समर्थकों की जीत कोई नहीं रोक सकता।
हमारी पार्टी ने पंचायत उपचुनावों में 85 प्रतिशत सीटें हासिल कर इसे एक बार फिर साबित कर दिया है। हमारे समर्थित उम्मीदवारों ने कुप्पम सहित सबसे अधिक सीटें जीतीं। यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि 2024 में परिणाम क्या होगा, जो कि क्लीन स्वीप है। वहीं, नायडू ने दावा किया कि यह टीडीपी की जीत है, जो सत्तारूढ़ वाईएसआरसी के खिलाफ जनता के गुस्से को दर्शाता है।












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