सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद निकलेगा जल संकट का हल: CM खट्टर
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि सरकार राज्य की भाजपा भ्रष्टाचार के सख्त खिलाफ है। विजिलेंस लगातार कार्रवाई कर भ्रष्ट अधिकारियों पर नकेल कस रही है और सरकार उन्हें बाहर का रास्ता दिखा रही है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पानी की कमी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हरियाणा पानी की कमी वाला प्रदेश है। पूरे देश में 1100 बिलियन क्यूबिक मीटर पानी उपलब्ध है। जिसमें से 800 बिलियन क्यूबिक मीटर पानी की खपत होती है। आगे उन्होंने बताया कि हरियाणा में 32 मिलियन एकड़ फीट पानी की जरूरत है, लेकिन उपलब्ध सिर्फ 16 मिलियन एड़क फीट पानी है।
उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में पीने के पानी की आवश्यकता पूरा कर रही है, लेकिन सिंचाई के लिए पानी नहीं दे पाते हैं। 30 फीसदी पानी की जरूरत खेती के लिए पूरी तरह वर्षा पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि सरकार का माइक्रो इरिगेशन का सिस्टम बनाकर अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य है।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा और पंजाब को एसवाईएल के मुद्दे पर साथ बैठकर बीच का रास्ता निकालने के लिए कहा था। इसपर दो बार बैठकों के बाद भी कोई हल नहीं निकला। उन्होंने कहा कि पंजाब एसवाईएल बनाने को तैयार नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से ही अब राहत की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि सरकार राज्य की भाजपा भ्रष्टाचार के सख्त खिलाफ है। विजिलेंस लगातार कार्रवाई कर भ्रष्ट अधिकारियों पर नकेल कस रही है और सरकार उन्हें बाहर का रास्ता दिखा रही है। उनकी जगह पर नए ईमानदार लोग भर्ती किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी साल सरकार 35 हजार ग्रुप सी की और 15 हजार ग्रुप डी की प्रदेश में भर्तियां करेगी।












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