वीके पांडियन का खुलासा, बताया कैसे एक विधायक ने अपने ही लोगों के खिलाफ रची साजिश
5टी के सचिव वीके पांडियन गंजम की अपनी तीन दिवसीय यात्रा पर हैं। उन्होंने शुक्रवार को खुलासा किया कि मुख्यमंत्री नवीन पटनायक कोविड-19 महामारी के दौरान लोगों के हितों के खिलाफ काम करने के लिए जिले के एक विधायक पर गुस्सा थे।
पांडियन ने कहा कि एक निर्वाचित प्रतिनिधि अपने ही जिले के लोगों का दुश्मन बन गया था और वो नहीं चाहता कि वे महामारी के दौरान घर लौटें। उनका निशाना बीजेडी विधायक प्रदीप पाणिग्रही पर था, जिनको निष्कासित कर दिया गया है।

उन्होंने कहा, महामारी के दौरान हजारों लोग राज्य के बाहर अपने कार्यस्थलों पर फंस गए और घर नहीं लौट सके। राज्य सरकार से मदद मांगने के बाद मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने उनकी सुरक्षित वापसी की जिम्मेदारी ली। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री ने यह भी निर्णय लिया कि दूसरे राज्यों में फंसे लोगों को वापस लाने का सारा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
हालांकि, विधायक ने मुख्यमंत्री को फोन किया और उनको सलाह दी कि वो लोगों को ना लाएं, वर्ना कोविड की स्थिति गंभीर हो जाएगी। विधायक ने मुख्यमंत्री से कहा था कि पहले हमें जीने दो। बाद में हम दूसरों के बारे में सोचेंगे।
पांडियन ने कहा कि मुख्यमंत्री गुस्सा थे, हालांकि उन्होंने विधायक को कुछ नहीं कहा। मुख्यमंत्री ने हमसे निस्वार्थ भाव से लोगों की सेवा करने को कहा। जिन लोगों को निस्वार्थ भाव से लोगों की सेवा करने का मौका मिलता है उन्हें इसे ईश्वर का आशीर्वाद समझना चाहिए।
5T सचिव ने कहा कि विधायक ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों के बीच गलत सूचना पैदा करने और उनके आत्मविश्वास को तोड़ने की कोशिश की। विधायक के दुष्प्रचार से स्वास्थ्यकर्मी और मिशन शक्ति के सदस्य भी परेशान हैं।












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