Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

International Carpet Fair: सीएम योगी ने भदोही में किया कालीन मेला का शुभारंभ, 68 देशों से आए बायर्स

International Carpet Fair: भारतीय हस्तनिर्मित कालीन के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश के भदोही में चार दिवसीय 45वें अंतरराष्ट्रीय कालीन मेला का आयोजन हुआ। कालीन मेले का शुभारंभ करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने विचार व्यक्त किए।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कालीन मेला पीएम मोदी के मेक इन इंडिया कार्यक्रम को वैश्विक मंच प्रदान करने तथा वोकल फॉर लोकल व लोकल फॉर ग्लोबल के विजन को नई ऊंचाई प्रदान करने का अभियान है। सीएम योगी ने इस दौरान कहा कि भदोही का हस्त निर्मित कालीन वैश्विक बाजार की मांग को पूर्ण करता है।

International Carpet Fair

सीएम योगी ने थीम पैवेलियन और एक्स्पो मार्ट स्टॉल का अवलोकन करते हुए कालीन की विविध वैरायटी, विशेषता, निर्माण पद्धति, अन्तरराष्ट्रीय मांग व पूर्ति संबंधी तथा हैण्डलूम पर कताई, बुनाई कर रही महिला बुनकर से बुनावट के ताने-बाने के संयोजन की जानकारी प्राप्त की।

सीएम योगी ने जेल में निरुद्ध कुशल बन्दी द्वारा तैयार की गयी कालीनों की सराहना की। इस दौरान सीएम को अवगत कराया गया कि ओडीओपी योजना के अन्तर्गत 10 दिवसीय प्रशिक्षण व टूलकिट वितरण के साथ ही कारागार में 04 टफ्टेड व 11 नोटेल लूम की स्थापना की गयी है।

कालीन विक्रय के उपरान्त प्राप्त लाभ से बन्दियों को पारिश्रमिक का भुगतान किया गया है। सीएम ने कहा कि प्रदेश के जनपद भदोही, मिर्जापुर व वाराणसी को कारपेट और वस्त्र उद्योग के हब के रूप में जाना जाता है। यहां सम्भावनाएं पहले भी थीं, क्योंकि हस्तशिल्पियों और कारीगरों में हुनर की कमी नहीं थी। लेकिन हुनर को समय के अनुरूप तकनीक व प्लेटफॉर्म उपलब्ध नहीं हो पाया था।

हुनर को जैसे ही प्लेटफॉर्म मिला और उसे तकनीक व डिजाइन के साथ जोड़ा गया, आज वही हस्तशिल्पी व कारीगर वैश्विक मंच पर अपनी धाक जमाता हुआ दिखाई दे रहा है। बड़ी संख्या में आये हुए बायर्स इसका उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि इस एक्स्पो में 68 देशों के लगभग 450 से अधिक विदेशी बायर्स आये हैं।

इस दौरान बोलते हुए उन्होंने कहा कि हमें अपने हस्तशिल्पियों और कारीगरों को आगे बढ़ाना होगा। यह प्रदेश की बहुत बड़ी ताकत हैं। प्रदेश सरकार ने वर्ष 2018 में परम्परागत उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए 'एक जनपद, एक उत्पाद' योजना शुरू की थी। प्रदेश के हस्तशिल्पियों और कारीगरों को अच्छी ट्रेनिंग, उन्नत किस्म के टूल्स उपलब्ध कराने के लिए 'विश्वकर्मा श्रम सम्मान' योजना प्रारम्भ की गई।

'एक जनपद, एक उत्पाद' योजना व 'विश्वकर्मा श्रम सम्मान' योजना ने प्रदेश के निर्यात को मात्र चार वर्षों में ढाई गुना बढ़ाने में सहायता की। यह प्रदेश की नई पोटेंशियल है। कहा कि प्रधानमंत्री दुनिया के किसी भी देश में जाते हैं, तो प्रदेश के उद्यमियों द्वारा बनाए गए परम्परागत उत्पाद को वहां के राष्ट्राध्यक्षों को भेंट स्वरूप प्रदान कर यहां के हस्तशिल्पियों के सम्मान को बढ़ाने का कार्य करते हैं।

पहले देश व प्रदेश के पर्व और त्योहारों में चीन निर्मित उत्पादों की भरमार रहती थी। पिछले 06 वर्षों में 'एक जनपद, एक उत्पाद' योजना लागू होने के पश्चात चीन निर्मित सामान नहीं, बल्कि 'एक जनपद एक उत्पाद' योजना के अन्तर्गत हस्तशिल्पियों और कारीगरों द्वारा निर्मित उत्पाद को उपहार स्वरूप भेंट किया जाता है। लोग बहुत गर्व के साथ अपने घरों में इनको सजाते हैं।

कहा कि प्रदेश में लगभग 20 लाख बुनकर हैं। 'एक जनपद, एक उत्पाद' योजना के अन्तर्गत प्रदेश सरकार द्वारा जनपद भदोही के 1,550 कारीगरों को प्रशिक्षण और टूल किट उपलब्ध कराने का कार्य किया गया है। ओडीओपी मार्जिन मनी योजना से 286 लाभार्थियों को जोड़ा गया है। बैंकर्स के साथ बैठकर उन्हें सस्ते में लोन उपलब्ध कराने में सहायता प्रदान की गई है।

'प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम' और 'मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार' योजना के माध्यम से इन कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने का कार्य किया गया। प्रदेश सरकार के स्तर पर जनपद भदोही के उत्पादों का निर्यात करने के लिए लगातार सहयोग प्रदान किया जा रहा है। देश में कालीन उद्योग द्वारा 17 हजार करोड़ रुपये का निर्यात किया जाता है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+