नए नियमों के कारण आदिवासियों को नहीं मिल रहा कल्याणकारी योजनाओं का लाभ- टीडीपी
टीएमसी ने सीएम जगन मोहन रेड्डी से लाभार्थियों के रिकॉर्ड अपडेशन और ईकेवाईसी के नाम पर आदिवासियों के कल्याणकारी लाभों को रद्द करने के निर्णय को वापस लेने का आग्रह किया।
हैदराबाद, 11 दिसंबर। टीडीपी के राष्ट्रीय महासचिव नारा लोकेश ने शुक्रवार को सीएम जगन मोहन रेड्डी से लाभार्थियों के रिकॉर्ड अपडेशन और ईकेवाईसी के नाम पर आदिवासियों के कल्याणकारी लाभों को रद्द करने के निर्णय को वापस लेने का आग्रह किया।

लोकेश ने मुख्यमंत्री को लिखे एक खुले पत्र में मांग की है कि वृद्धों, विधवाओं और विकलांग आदिवासियों की रद्द की गई पेंशन तुरंत बहाल की जाए। उन्होंने कहा कि राशन चावल का निर्बाध वितरण सुनिश्चित करने के साथ-साथ भूमि रिकॉर्ड में गलत प्रविष्टियों को तत्काल ठीक किया जाए। लोकेश ने कहा कि सचिवालयों और ग्राम स्वयंसेवकों की लापरवाही के कारण एजेंसी क्षेत्रों के लोगों को अनकही पीड़ा का सामना करना पड़ रहा है।
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उन्होंने कहा कि आदिवासियों को लाभ से वंचित करने के लिए नई शर्तें लाई जा रही हैं। बता दें कि सरकार एक आदेश लेकर आई है जिसके मुताबिक यदि किसी आदिवासी परिवार के पास 10 एकड़ से ज्यादा भूमि या सरकारी नौकरी या वाहन है तो उसे सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा।
लोकेश ने कहा कि इसकी वजह से एजेंसी क्षेत्रों में रह रहे हजारों आदिवासी सरकारी लाभ से वंचित हो रहे हैं, यह संविधान की अनुसूची 5 के खंड 6 का उल्लंघन है। लोकेश ने कहा कि नए नियमों ने एजेंसी क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासियों को पैंशन और एक किलो चावल के लिए अपात्र बना दिया है। उन्होंने कहा कि जिन आदिवासियों के पास 10 एकड़ या उससे ज्यादा जमीन है, उसमें से कुछ एकड़ जमीन ही खेती के लायक है।












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