हुनर है तो रोजगार की कमी नहीं, बनायेंगे कौशल झारखंड: सीएम हेमंत सोरेन
Jharkhand News: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आज के समय में जिसके पास हुनर है। उसके पास रोजगार की कमी नहीं है। उन्होंने युवाओं से हुनरमंद बनने की अपील की। सीएम ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार नौकरियां खत्म कर रही है। फौज में बदलाव कर दिया। बैंकों को मर्ज कर दिया, रेलवे को प्राइवेटाइज कर दिया। इन क्षेत्रों में ज्यादा नौकरी होती थी। बड़े पैमाने पर अब केंद्र ने नौकरी बंद कर दी है। इसलिए युवा हुनरमंद बनें, ताकि प्राइवेट सेक्टर में भी नौकरी मिल सके। सीएम ने यह बात शनिवार को आर्यभट्ट सभागार में आयोजित मुख्यमंत्री सारथी योजना निशुल्क कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम के उदघाटन के दौरान कही। सीएम ने 80 प्रखंडों में कौशल विकास केंद्र यानी ब्लॉक लेवल इंस्टीट्यूट फॉर रूरल एक्वीजीशन (बिरसा) योजना का शुभारंभ किया। साथ ही रोजगार प्रोत्साहन भत्ता व परिवहन भत्ता की शुरुआत की।
चुनावी वादे पूरा किया
सीएम ने कहा कि चुनाव के समय हमने बेरोजगारों को भत्ता देने का वायदा किया था। आज हमने चुनाव में किये एक वादे को पूरा किया है। जहां से हम बड़े पैमाने पर हमारे पढ़े-लिखे छात्र-छात्राओं को हुनरमंद बनायेंगे। उन्हें वहीं से रोजगार भी मिलेगा। प्रशिक्षण के बाद रोजगार न मिलने की स्थिति में रोजगार प्रोत्साहन भत्ता एक हजार रुपये प्रतिमाह दिये जायेंगे. सीएम ने कहा कि झारखंड को कुशल राज्य बनाने का संकल्प लिया है. सीएम ने कहा कि गरीब चिंता न करें, सरकार उनकी सारी जवाबदेही लेने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि अब तक 20 हजार लोगों को रोजगार दिया जा चुका है.
किया सीधा संवाद, डीबीटी से राशि भी भेजी

मुख्यमंत्री सारथी योजना के अंतर्गत बिरसा योजना के तहत प्रखंड स्तर पर कौशल विकास का प्रशिक्षण केंद्र खोला जाना है. इस योजना के पहले चरण में 80 प्रखंडों में बिरसा केंद्र खोले जा रहे हैं. यहां युवाओं को निशुल्क कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जायेगा. प्रशिक्षण लेनेवाले युवाओं को एक हजार रुपये रोजगार प्रोत्साहन भत्ता मिलेगा, जबकि युवतियों व दिव्यांगों के लिए यह राशि 1500 रुपये प्रति माह होगी. इसके अलावा गैर आवासीय प्रशिक्षण के प्रशिक्षणार्थियों को 1000 रुपये प्रतिमाह परिवहन भत्ता भी मिलेगा. प्रशिक्षण के बाद तीन माह के अंदर नियोजन नहीं होने की स्थिति में एक वर्ष तक रोजगार प्रोत्साहन भत्ता भी दिया जायेगा.
श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने कहा कि निजी क्षेत्रों में सख्ती से 75 प्रतिशत आरक्षण स्थानीय को देने के लिए काम हो रहा है. राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया.
-श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता
ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि प्रशिक्षण के बाद केवल नौकरी के लिए नहीं, बल्कि खुद ही उद्यमी बनने का प्रयास करें. सरकार लोन भी दे रही है।
-ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम












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