Rabi Lamichhane India: बीजेपी मुख्यालय क्यों पहुंचे बालेन शाह की पार्टी के अध्यक्ष? क्यों है ये दौरा अहम

Rabi Lamichhane India visit: नेपाल की सत्तारूढ़ पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के अध्यक्ष रबी लामिछाने पांच दिवसीय भारत दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे हैं। 'बीजेपी को जानो' पहल के तहत वह भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। बीजेपी मुख्यालय पहुंचने पर उनका पारंपरिक अंदाज में भव्य स्वागत किया गया। इस दौरे को भारत-नेपाल रिश्तों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।

रबी लामिछाने की विदेश मंत्री एस जयशंकर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की संभावना है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर नेपाल के बड़े नेता का यह दौरा किस मकसद से हो रहा है और इसके राजनीतिक मायने क्या हैं।

Rabi Lamichhane India visit

'बीजेपी को जानो' कार्यक्रम के तहत भारत पहुंचे रबी लामिछाने

रबी लामिछाने बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन के निमंत्रण पर भारत आए हैं। उनका दौरा 'बीजेपी को जानो' कार्यक्रम का हिस्सा बताया जा रहा है। इस पहल का मकसद विभिन्न देशों के राजनीतिक दलों को बीजेपी की कार्यशैली, संगठन और चुनावी मॉडल से परिचित कराना है। नई दिल्ली में उनके कई हाई-लेवल मीटिंग्स में शामिल होने का कार्यक्रम है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि इससे दोनों देशों के राजनीतिक दलों के बीच बेहतर समझ और सहयोग बढ़ सकता है।

बीजेपी मुख्यालय में हुआ भव्य स्वागत

बीजेपी मुख्यालय पहुंचते ही रबी लामिछाने का जोरदार स्वागत किया गया। ढोल-नगाड़ों, फूलों और पारंपरिक कार्यक्रमों के जरिए उनका अभिनंदन किया गया। उनके साथ उनकी पत्नी और नेपाल से आए प्रतिनिधिमंडल के सदस्य भी मौजूद रहे। स्वागत कार्यक्रम यह संकेत देता है कि भारतीय नेतृत्व इस दौरे को खास महत्व दे रहा है। दोनों देशों के बीच राजनीतिक और सांस्कृतिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए ऐसे कार्यक्रमों को अहम माना जाता है।

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जयशंकर से मुलाकात में सीमा और रिश्तों पर चर्चा संभव

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और रबी लामिछाने के बीच मुलाकात को दौरे का अहम हिस्सा माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक दोनों नेताओं के बीच सीमा सुरक्षा, व्यापार, कनेक्टिविटी और भारत-नेपाल संबंधों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। हाल के वर्षों में सीमा विवाद और राजनीतिक बयानों को लेकर दोनों देशों के रिश्तों में कुछ तनाव देखने को मिला था। ऐसे में यह मुलाकात संवाद बढ़ाने और भरोसा मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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नेपाली समुदाय और अयोध्या यात्रा का भी खास संदेश

दिल्ली में राजनीतिक बैठकों के अलावा रबी लामिछाने भारत में रह रहे नेपाली समुदाय के लोगों से भी मुलाकात करेंगे। इसके बाद उनका अयोध्या जाने का कार्यक्रम है। अयोध्या यात्रा को सांस्कृतिक और धार्मिक कूटनीति के नजरिए से भी देखा जा रहा है। नेपाल और भारत के बीच रामायण सर्किट तथा धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर लंबे समय से चर्चा होती रही है। ऐसे में यह यात्रा दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों को नया संदेश दे सकती है।

क्या मोदी से मुलाकात नेपाल की राजनीति के लिए बड़ा संकेत है?

3 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रबी लामिछाने की संभावित मुलाकात पर सबकी नजरें टिकी हैं। हालांकि अंतिम समय अभी तय नहीं हुआ है, लेकिन उनके लिए समय आरक्षित रखा गया है। यदि यह मुलाकात होती है तो इसे नेपाल की राजनीति में रबी लामिछाने की बढ़ती अहमियत के रूप में देखा जाएगा। खास बात यह है कि यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब नेपाल की राजनीति में नए समीकरण बन रहे हैं। इसलिए इस यात्रा के राजनीतिक और कूटनीतिक दोनों मायने निकाले जा रहे हैं।

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