तेलंगाना: चुनावी साल में कांग्रेस के नए प्रभारियों के सामने कड़ी चुनौती
तेलंगाना में कांग्रेस बंटी हुई है और वरिष्ठ नेताओं के एक धड़े ने हाल ही में तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (टीपीसीसी) के अध्यक्ष ए. रेवंत रेड्डी के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद किया है।

हैदराबादः तेलंगाना के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) द्वारा नियुक्त नए प्रभारी माणिकराव ठाकरे को इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी को व्यवस्थित करने और संगठन को तैयार करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। तेलंगाना में कांग्रेस बंटी हुई है और वरिष्ठ नेताओं के एक धड़े ने हाल ही में तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (टीपीसीसी) के अध्यक्ष ए. रेवंत रेड्डी के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद किया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ठाकरे को विभिन्न समूहों को एक साथ ले जाने और यह सुनिश्चित करने में बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा कि पार्टी तेलंगाना की सत्ता में आए। तेलंगाना को 2014 में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार ने आंध्र प्रदेश से अलग कर बनाया था। आपको बता दें कि पार्टी की राज्य इकाई में अंदरूनी कलह के बीच एआईसीसी ने बुधवार को मनिकम टैगोर की जगह महाराष्ट्र के एक वरिष्ठ नेता ठाकरे को नियुक्त किया।
एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने टैगोर को गोवा का प्रभारी बनाया है। कांग्रेस ने बुधवार रात जारी एक बयान में उनकी सेवाओं की सराहना करते हुए कहा, 'पार्टी तेलंगाना के एआईसीसी प्रभारी के रूप में श्री मणिकम टैगोर और गोवा के एआईसीसी प्रभारी के रूप में श्री दिनेश गांधी को हटा रही है।












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