तेलंगाना: मडिगा रिजर्वेशन पोराटा समिति ने चुनाव में बीजेपी को समर्थन देने की घोषणा की
मडिगा रिजर्वेशन पोराटा समिति (एमआरपीएस) ने तेलंगाना विधानसभा चुनाव में बीजेपी को समर्थन देने की घोषणा की है। एमआरपीएस राज्य में अनुसूचित जाति (एससी) के सबसे बड़े समुदाय मडिगा का प्रतिनिधित्व करता है। यह आरक्षण में एससी के वर्गीकरण के लिए लड़ रहा है।
एमआरपीएस के संस्थापक अध्यक्ष मंदा कृष्णा मडिगा ने एमआरपीएस और नौ अन्य सामुदायिक संगठनों से 30 नवंबर के विधानसभा चुनावों में भाजपा उम्मीदवारों की जीत के लिए काम करने का आग्रह किया है।

यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हैदराबाद में एमआरपीएस की एक सार्वजनिक बैठक को संबोधित करने के बाद आया है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा था कि केंद्र जल्द ही एक समिति बनाएगा जो मडिगा को सशक्त बनाने के लिए सभी संभावित तरीके अपनाएगी।
मंदा कृष्णा मडिगा ने विभिन्न मडिगा संगठनों को लिखे पत्र में कहा कि एससी आरक्षण के वर्गीकरण की मांग पर कांग्रेस ने उनके साथ अन्याय किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जब केंद्र में सत्ता में थी तो एससी वर्गीकरण के लिए एक कानून पारित करने में विफल रही और पिछले 10 वर्षों के दौरान विपक्षी दल के रूप में इस मांग को अपना समर्थन नहीं दिया।
उन्होंने मडिगास के साथ 'विश्वासघात' को लेकर भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री केसीआर ने अपने मंत्रिपरिषद में समुदाय को कोई प्रतिनिधित्व नहीं दिया। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में अनुसूचित जाति के बीच मडिगा संख्यात्मक रूप से सबसे बड़ा समुदाय है।
तेलंगाना में मदीगा अनुसूचित जाति के 60 प्रतिशत हैं, जो आबादी का लगभग 17 प्रतिशत हैं। आगामी तेलंगाना विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा के अभियान की अगुवाई करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टिप्पणी की कि भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) और कांग्रेस एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। उन्होंने कहा कि "परिवार का शासन, भ्रष्टाचार और झूठ तीन सामान्य चीजें हैं, जो उनके डीएनए में है।












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