कोरोना महामारी के बाद पूंजीगत व्यय में सबसे आगे पहुंचा तेलंगाना
कोरोना वायरस महामारी के दौरान और उसके बाद अभूतपूर्व चुनौतियों का सामना करने के बाद, तेलंगाना अब पूंजीगत व्यय में वार्षिक वृद्धि के मामले में देश के सभी राज्यों में अग्रणी बन गया है।

हैदराबाद,22 दिसंबरः कोरोना वायरस महामारी के दौरान और उसके बाद अभूतपूर्व चुनौतियों का सामना करने के बाद, तेलंगाना अब पूंजीगत व्यय में वार्षिक वृद्धि के मामले में देश के सभी राज्यों में अग्रणी बन गया है। तेलंगाना का पूंजीगत व्यय पिछले आठ वर्षों के भीतर पांच गुना से अधिक बढ़कर 2014-15 में 11,583 करोड़ रुपये से बढ़कर 2021-22 में 61,343 करोड़ रुपये हो गया है।
सामूहिक रूप से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 2021-22 में अपने पूंजीगत व्यय में 28 प्रतिशत की वृद्धि का बजट पेश किया, जिसमें तेलंगाना 87 प्रतिशत की वृद्धि के साथ सबसे आगे रहा। राज्य सरकार ने 2020-21 में पूंजीगत व्यय पर लगभग 32,645 करोड़ रुपये खर्च किए, जो 2021-22 में बढ़कर 61,343 करोड़ रुपये हो गया। यहां तक कि देश में सर्वाधिक पूंजीगत व्यय के मामले में भी तेलंगाना प्रमुख राज्यों में पांचवें स्थान पर है।
आपको बता दें कि पूंजीगत व्यय सरकार द्वारा उपकरण, भवन, स्वास्थ्य सुविधाओं, शिक्षा और अन्य ढांचागत विकास कार्यों सहित विकासात्मक गतिविधियों पर खर्च किया जाने वाला बजट है। पिछले आठ वर्षों में, तेलंगाना अपने बजट की बड़ी राशि सिंचाई परियोजनाओं सहित निवेश और बुनियादी ढांचे के विकास जैसी अचल संपत्तियों के निर्माण पर आवंटित कर रहा है जो दीर्घकालिक लाभांश देता है।












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