NIMZ को लेकर किसानों को मनाने में जुटी में तेलंगाना सरकार, विस्थापितों को मिलेंगे 121 वर्ग गज के भूखंड
संगारेड्डी, 27 जून। जमीनों के अधिग्रहण को लेकर असंतुष्ट किसानों को मनाने में जुटी तेलंगाना सरकार के निर्देश पर अहम पहल की जा रही है। सरकार ने अब मुआवजे के साथ किसानों की समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करने का निर्णय लिया है। राष्ट्रीय निवेश विनिर्माण क्षेत्र (NIMZ) के लिए एमएयूटी मंत्री के टी रामा राव ने अधिकारियों को किसानों से जुड़े मुद्दों का समाधान करने के निर्देश दिए हैं।

मंत्री केटीआर ने हाल ही में, जब किसानों ने एनआईएमजेड में एक आधिकारिक कार्यक्रम के दौरान विरोध प्रदर्शन किया था, तो उन्होंने अधिकारियों से पारस्परिक रूप से सहमत मूल्य के भुगतान के अलावा किसानों को "कुछ" अतिरिक्त देने के लिए कहा था। जमीन के लिए वे एनआईएमजेड से हारने जा रहे हैं। सरकार ने पहले 5.65 लाख रुपये प्रति एकड़ का भुगतान किया था, लेकिन अब किसानों का तर्क है कि जमीन की कीमत 50 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये प्रति एकड़ हो गई है।
तेलंगाना सरकार ने 2012 में जहीराबाद विधानसभा क्षेत्र के नायकल और झारसंगम मंडल के 17 गांवों में 12,634 एकड़ भूमि का अधिग्रहण करने का फैसला किया था, लेकिन भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया 2015 में सर्वेक्षण और अन्य कार्यों के बाद ही शुरू हुई थी। जिन अधिकारियों ने पहले चरण में 3,501.33 एकड़ और दूसरे चरण में 8,219.10 एकड़ का अधिग्रहण करने की योजना बनाई थी, उन्होंने पिछले सात वर्षों में केवल 3,000 एकड़ का अधिग्रहण किया है। अधिकारियों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण में देरी की वजह यह थी कि विस्थापितों के मुआवजे की पेशकश से असंतुष्ट थे और विरोध प्रदर्शन कर रहे थे जबकि कुछ अन्य किसान अदालत गए थे।
वहीं सरकार सक्रिय रूप से किसानों को एनआईएमजेड के पास 121 वर्ग गज के घर का प्लॉट देने पर विचार कर रही है, जो समय के साथ बहुत सराहना करेगा। सरकार का मानना है कि होम साइट पर पकड़ बनाकर रखने से किसान आगे चलकर काफी लाभ उठा सकेंगे।












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