तेलंगाना सरकार का अहम फैसला, नाइट शिफ्ट में काम करने के लिए महिलाओं की सहमति जरूरी
तेलंगाना सरकार द्वारा जारी अधिसूचना में निर्दिष्ट शर्तों की बात करें तो इसमें आईडी कार्ड जारी करना, साप्ताहिक अवकाश का प्रावधान, साप्ताहिक काम के घंटों का पालन शामिल है।नाइट शिफ्ट वाली महिलाओं को लेकर ये फैसला लिया है।

तेलंगाना सरकार की ओर से तेलंगाना दुकान और स्थापना अधिनियम 1988 में संशोधन किया गया है। सरकार ने वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और व्यवसायों के लिए 24×7 संचालित करने के लिए दिशानिर्देश और शर्तें जारी की है। एक सरकारी आदेश (जीओ) जारी किया गया जिसमें कहा गया कि तेलंगाना सरकार की ओर से एक फैसला लिया गया है। सरकार तेलंगाना दुकान प्रतिष्ठान अधिनियम 1988 की धारा 7 से छूट दे रही है, जो कुछ शर्तों के अधीन खुलने और बंद होने के घंटों से संबंधित है।
ओवरटाइम वेतन का भुगतान
अधिसूचना में निर्दिष्ट शर्तों की बात करें तो इसमें आईडी कार्ड जारी करना, साप्ताहिक अवकाश का प्रावधान, साप्ताहिक काम के घंटों का पालन, ओवरटाइम वेतन का भुगतान, और अधिसूचित राष्ट्रीय/त्योहार की छुट्टियों पर ड्यूटी पर जाने वाले कर्मचारियों को वेतन के साथ प्रतिपूरक छुट्टियों का प्रावधान शामिल है।
महिला कर्मचारियों के लिए पर्याप्त सुरक्षा
इसके अलावा, महिला कर्मचारियों के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध होनी चाहिए और नाईट की शिफ्ट में काम करने के लिए उनकी सहमति जरूरी है। नाईट की शिफ्ट में काम करने वाली महिला कर्मचारियों के लिए कार्यस्थल से आने-जाने के लिए वाहन की सुविधा भी उपलब्ध करानी होगी।
प्रत्येक दुकान के लिए 10,000 रुपये का वार्षिक शुल्क
इन प्रतिष्ठानों के प्रबंधन को रिकॉर्ड बनाये रखना चाहिए। साथ प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर रिटर्न प्रस्तुत करना चाहिए। पुलिस अधिनियम के प्रावधानों एवं लागू नियमों का अनुपालन भी जरूरी है। अधिसूचना के अनुसार, अधिनियम के तहत 24×7 खोलने के लिए प्रत्येक दुकान के लिए 10,000 रुपये का वार्षिक शुल्क देना होगा।












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