तेलंगाना के वित्त मंत्री टी हरीश राव ने केंद्रीय बजट को किसान विरोधी, गरीब विरोधी बताया
वित्त मंत्री ने बताया कि तेलंगाना को कोई नया विशेष आर्थिक क्षेत्र या औद्योगिक गलियारा आवंटित नहीं किया गया था और पिछली सरकारों द्वारा स्वीकृत विकास के लिए किसी बड़े फंड की घोषणा नहीं की गई थी।

तेलंगाना के वित्त मंत्री टी हरीश राव ने मंगलवार को संसद में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए 2023-24 के केंद्रीय बजट को बिल्कुल किसान विरोधी और गरीब विरोधी बजट करार दिय। उन्होंने कहा कि इस बजट से केवल कॉरपोरेट्स को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में सात क्षेत्रों को प्राथमिकता देने की बात कही, लेकिन मौजूदा समस्याओं को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया है।
टी हरीश राव ने कहा, 'केंद्रीय बजट देश के प्रगतिशील राज्यों और किसानों के लिए एक बड़ी निराशा है। इसने एक बार फिर तेलंगाना के साथ घोर अन्याय किया है। आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के तहत रेलवे कोच फैक्ट्री या स्टील फैक्ट्री सहित किए गए किसी भी वादे को नौ साल बाद भी बजट में जगह नहीं मिली। जनजातीय विश्वविद्यालय को नाममात्र की राशि आवंटित की गई थी, जो शुरू ही नहीं हो सकी।'
उन्होंने कहा, 'बार-बार अनुरोध के बावजूद किसी भी सिंचाई परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा नहीं दिया गया। इसी तरह, राज्य में बुनकरों को कोई जीएसटी सब्सिडी या प्रोत्साहन नहीं दिया गया। हमने तेलंगाना जैसे युवा राज्यों को प्रोत्साहन देने के लिए बार-बार अनुरोध किया है, लेकिन केंद्र सरकार से कोई जवाब नहीं मिला।'
हरीश राव ने बताया, 'तेलंगाना को कोई नया विशेष आर्थिक क्षेत्र या इंडस्ट्रियल कॉरिडोर आवंटित नहीं किया गया है और पिछली सरकारों द्वारा विकास के लिए स्वीकृत किसी बड़ी राशि की भी घोषणा नहीं की गई है। उर्वरकों, खाद्य सब्सिडी, मनरेगा फंड और अन्य सहायता योजनाओं पर सब्सिडी आश्चर्यजनक रूप से कम कर दी गई है, जिससे किसानों को नुकसान हुआ है।'












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