Assam Govt Formation: असम के कैप्टन फिर बने हिमंता! NDA विधायक दल के निर्विरोध नेता चुने गए, कब होगा राजतिलक?
Assam Govt Formation: असम की सियासत में डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा का कद एक बार फिर निर्विवाद रूप से स्थापित हो गया है। गुवाहाटी में आयोजित बीजेपी और एनडीए विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक में डॉ. सरमा को सर्वसम्मति से अपना नेता चुन लिया गया है। केंद्रीय पर्यवेक्षकों और गठबंधन के साथियों की मौजूदगी में लिए गए इस फैसले ने राज्य में उनके लगातार दूसरे कार्यकाल पर मुहर लगा दी है।
अब 12 मई को डॉ. सरमा मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर इस ऐतिहासिक क्षण की गरिमा बढ़ाएंगे। आइए जानतें हैं असम में नई सरकार के गठन से जुड़ी पूरी अपडेट...

जेपी नड्डा और नायब सैनी रहे मौजूद
रविवार सुबह 11 बजे गुवाहाटी स्थित बीजेपी मुख्यालय में सभी 82 नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक हुई। इस बैठक में बीजेपी के दिग्गज जेपी नड्डा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बतौर केंद्रीय पर्यवेक्षक शामिल हुए। बैठक में डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा को निर्विरोध विधायक दल का नेता चुना गया। बीजेपी के इस फैसले का समर्थन गठबंधन के सहयोगी दलों-असम गण परिषद (AGP) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF)-ने भी खुले दिल से किया।
राज्यपाल से मुलाकात और सरकार बनाने का दावा
विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद डॉ. सरमा ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य से मुलाकात की। उन्होंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा और नई सरकार बनाने का औपचारिक दावा पेश किया। असम बीजेपी अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने जानकारी दी कि डॉ. सरमा के साथ ही सभी 102 गठबंधन विधायकों के समर्थन का पत्र राज्यपाल को सौंप दिया गया है।
12 मई को भव्य शपथ ग्रहण समारोह
असम की नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह मंगलवार, 12 मई को गुवाहाटी के खानपारा स्थित 'कॉलेज ऑफ वेटरनरी साइंस' मैदान में आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में पीएम मोदी के साथ गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। दिलीप सैकिया के अनुसार, इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए एक लाख से अधिक लोगों के आने की संभावना है।
बीजेपी ने अपने दम पर पाया बहुमत
4 मई को आए नतीजों में बीजेपी और उसके सहयोगियों ने 126 सीटों में से 102 सीटों पर जीत दर्ज कर रिकॉर्ड बनाया है। बीजेपी ने अकेले 82 सीटें जीतीं, जो असम में पार्टी का अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है। वहीं विपक्षी खेमे में कांग्रेस नीत 'मित्रजोत' को मात्र 19 सीटें मिलीं, जबकि रायजोर दल को 2 और AIUDF को 2 सीटें ही नसीब हुईं।
कांग्रेस से बगावत और हिंदुत्व का चेहरा
57 वर्षीय डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा का राजनीतिक सफर 2015 में कांग्रेस छोड़ने के बाद से लगातार ऊंचाइयों पर है। उन्हें पूर्वोत्तर में बीजेपी की जड़ें मजबूत करने और लगातार जीत दिलाने का श्रेय दिया जाता है। सरमा ने खुद को बीजेपी के सबसे बड़े हिंदुत्व चेहरों में से एक के रूप में स्थापित किया है। घुसपैठ के खिलाफ उनके सख्त रुख और कड़े फैसलों ने उन्हें न केवल असम, बल्कि पश्चिम बंगाल जैसे पड़ोसी राज्यों में भी एक प्रभावशाली नेता बना दिया है।















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