तेलंगाना चुनाव 2023: बीआरएस के वो दिग्गज चेहरे जो पार्टी की जीत में निभाएंगे अहम भूमिका
Telangana Assembly Elections 2023: तेलंगाना विधानसभा चुनाव 2023 की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो चुकी हैं। 30 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव में राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी बीआरएस प्रमुख और वर्तमान मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव अपनी हैट्रिक बनाने के लिए जी तोड़ कोशिश में जुटे हैं। केसीआर के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) 2014 के बाद से लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है।

बीआरएस (पूर्व तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) ) राज्य में प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस और भाजपा को आगामी चुनाव में शिकस्त देने के लिए अपने दिग्गज नेताओं पर भरोसा कर रही है आइए जानते हैं कौन हैं वो प्रमुख चेहरे?
के चन्द्रशेखर राव
69 वर्षीय मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव जिनको केसीआर के नाम से जाना जाता है। वो इस चुनाव में तीसरी बार जीतकर हैट्रिक लगाने का लक्ष्य को भेदने के लिए जुटे हुए हैं। याद रहे एक साल पहले केटीआर ने अपनी पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने के लिए पार्टी का नाम टीआरएस से बदलकर बीआरएस कर दिया। हालांकि उनकी पार्टी तेलंगाना और पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र तक ही सीमित रह गई है।
वहीं कर्नाटक में मई 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली बंपर जीत से कांग्रेस तेलंगाना चुपाव को लेकर उत्साहित और आशान्वित है। वहीं तेलंगाना चुनाव में कांग्रेस की मजबूत दावेदारी ने केसीआर के लिए कड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। इसके अलावा केसीआर की एमएलसी बेटी कविता का नाम दिल्ली से जुड़े एक घोटाले में फंसा है। इस वजह से केसीआर कांग्रेस से अधिक भाजपा को खतरा मान रहे हैं।
आठ बार के विधायक, केसीआर ने 1985 से 2004 तक छह बार सिद्दीपेट सीट चुनाव जीता, इसके बाद आंध्र प्रदेश से अलग होकर तेलंगाना राज्य के गठन के बाद 2014 और 2018 में गजवेल से जीत हास की इस चुनाव में कामारेड्डी विधानसभा क्षेत्र से भी चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। वह छह बार सांसद भी रहे।
के टी रामा राव
47 वर्षीय के टी रामा राव को केटीआर के नाम से जाना जाता है। केसीआर के बेटे और तेलंगाना के आआईटी, उद्योग और नगरपालिका प्रशासन मंत्री केटीआर प्रदेश के युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं। केटीआर ने अपने पिता के केंद्र में होने के कारण राज्य की राजनीति में एक कम प्रोफ़ाइल बनाए रखी है।
केटीआर ने 2009 में अपने राजनीतिक करियर की शुरूआत की और विधानसभा चुनाव लड़े और जीते। तब से केटीआर लगातार चार बार चुनाव जीत चुके हैं जिसमे एक उपचुनाव भी शामिल है। सोशल मीडिया पर केटीआर काफी सक्रिय हैं। केटीआर विपक्षी पार्टी भाजपा पर अपने तीखे हमलों के लिए जाने जाते है। केटीआर की लोकप्रियता युवाओं और आम लोगों के बीच,उनका प्लस पॉइंट है।
केटीआर को हैदराबाद को बेंगलुरु के मुकाबले आईटी पावरहाउस में बदलने का श्रेय दिया जाता है। आईटी मंत्री के रूप में यह उनका ये दूसरा कार्यकाल है जिसमें उन्होंने तेलंगाना में योजनाएं लागू की और ऐसे प्रोजेक्ट शुरू किए जो अपने आप में मिसाल है। केसीआर ने खासकर तेलंगाना राज्य-औद्योगिक परियोजना अनुमोदन और टीएस-आईपास की शुरूआत की। केटीआर की बदौलत तेलंगाना को कई प्रोजेक्ट मिले और इंटरनेशल कंपनियां भी राज्य में इन्वेस्ट कर रही है।
तलसानी श्रीनिवास यादव
बीआरएस नेता और पशुपालन, मत्स्य पालन, डेयरी विकास निगम मंत्री तलसानी श्रीनिवास यादव को तेलंगाना में सबसे लोकप्रिय मंत्रियों में से एक माना जाता है। तेलंगाना में श्रीनिवास बड़े स्तर पर भेड़ वितरण योजना के प्रभारी हैं, जिनकी देखरेख में गोला और कुरुमा समुदायों में 1 करोड़ से अधिक भेड़ों के वितरण हुआ।
पांच बार विधायक रहे तलसानी श्रीनिवास कभी टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू के करीबी थे । श्रीनिवास ने 1994, 1999 और 2004 में सिकंदराबाद से टीडीपी के टिकट पर जीत हासिल की। श्रीनिवास ने 2014 में टीडीपी के टिकट पर सनथनगर से दोबारा जीत हासिल की थी और कुछ समय बाद केसीआर की पार्टी बीआरएस में शामिल हो गए थे और फरवरी 2019 में उन्हें केसीआर ने अपनी सरकार में मंत्री बना दिया था।
बता दें तलसानी श्रीनिवास यादव जिस सनथनगर से विधायक हैं वो निर्वाचन क्षेत्र हैदराबाद सेंटर में हैं जहां पर विपक्षी दलों कांग्रेस और भाजपा के विरुद्ध समर्थन जुटाने में तलसामी अहम भूमिका निभा सकते हैं। तलसामी बीसी यानी पिछड़ा वर्ग समुदाय के लोकप्रिय नेता है। अहम बात है कि बीसी (पिछड़ा वर्ग) के लभगभ 52 प्रतिश आबादी है।












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