CM KCR की सरकार का बड़ा फैसला, शहरी तेलंगाना में नोटरी प्रॉपर्टी रेगुलर होगी, संपत्ति मालिकों को राहत
तेलंगाना सरकार ने शहरी क्षेत्रों में नोटरी संपत्तियों को नियमित करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की सरकार के फैसले के बाद शहरी क्षेत्रों में नोटरी पर खरीदे गए घरों, गैर-कृषि भूमि और अन्य संपत्तियों को नियमित किया जाएगा।
इस अहम कदम से संपत्ति मालिकों को बहुत जरूरी राहत मिली है।राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव नवीन मित्तल ने आदेश जारी कर नियमितीकरण प्रक्रिया के लिए दिशानिर्देशों की रूपरेखा तैयार की है। जनता को मीसेवा केंद्रों पर आवेदन जमा करने की सलाह दी है।

जारी आदेशों के अनुसार, आवेदकों को नोटरी दस्तावेजों, संपत्ति कर रसीदों, बिजली बिलों, पानी के बिलों या संपत्ति के स्वामित्व के किसी अन्य प्रमाण के साथ लिंक दस्तावेज प्रदान करना जरूरी है। जिला कलेक्टर इन आवेदनों का सूक्ष्मता से परीक्षण कर अंतिम निर्णय लेंगे।
सरकारी भूमि पर निर्मित संपत्तियों से जुड़े सरकारी आदेश 58 और 59 के नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। दोनों आदेश सरकारी भूमि पर निर्माण के नियमितीकरण से संबंधित हैं। सरकारी जमीन पर अतिक्रमण नहीं करने वाली संपत्तियों पर सीधे कार्रवाई होगी।
विशेष रूप से, 125 गज के भीतर की संपत्तियों को स्टांप शुल्क का भुगतान करने से छूट दी जाएगी। हालांकि, इस क्षेत्र से बड़ी संपत्तियों पर बाजार मूल्य के आधार पर स्टांप शुल्क के साथ-साथ 5 रुपये का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया जाएगा।
हालांकि आदेशों में दिशानिर्देशों को स्पष्ट किया गया है, लेकिन जमा करने के लिए किसी विशेष समय सीमा का कोई उल्लेख नहीं है। नोटरी संपत्तियों का मुद्दा हैदराबाद तक ही सीमित नहीं है; इसका विस्तार राज्य के अन्य शहरी क्षेत्रों तक भी है।
लोग लंबे समय से सरकार से इन संपत्तियों को नियमित करने का आग्रह कर रहे थे। मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने इस मामले को सहानुभूतिपूर्वक हल करने का आश्वासन दिया था।
अब, नोटरी प्रॉपर्टीनियमितीकरण प्रक्रिया के लिए आदेश जारी हो चुका है। इसी के साथ, संपत्ति मालिकों को उनकी संपत्तियों की स्थिति पर राहत और स्पष्टता मिल सकती है।












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