तेलंगाना के सीएम केसीआर की निगाह छत्तीसगढ़ पर है टिकी, हो सकता है जोगी कांग्रेस का बीआरएस में विलय
देश के विभिन्न राज्यों में अपनी पार्टी का विस्तार करने की कोशिश कर रहे बीआरएस प्रमुख के चंद्रशेखर राव छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जोगी) पार्टी के सहारे राज्य में की राजनीति में दाखिल होने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसी अटकलें हैं कि प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी द्वारा गठित पार्टी का बीआरएस में विलय होने जा रहा है।
पार्टी नेताओं के मुताबिक महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के बाद केसीआर की नजर छत्तीसगढ़ पर है। सूत्रों ने बताया कि अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी ने बीआरएस प्रमुख के साथ कई दौर की बैठक की। पता चला है कि वह विलय के लिए राजी हो गए थे। सूत्रों ने कहा कि घोषणा एक दो दिनों में होने की संभावना है। बीआरएस के एक नेता ने कहा कि जोगी कांग्रेस का छत्तीसगढ़ के दक्षिणी हिस्से में बस्तर जैसे इलाकों में कुछ आधार है। जिसकी सीमाएं तेलंगाना जिलों से लगती हैं।

छत्तीसगढ़ से कई लोग काम के लिए तेलंगाना आते हैं। लोगों का एक बड़ा वर्ग तेलुगु भी जानता है। पार्टी को पड़ोसी राज्य में फैलाना आसान लगता है। उन्होंने कहा कि विलय के बाद, एक सार्वजनिक बैठक भी होने की संभावना है। जिसे राज्य में आयोजित किया जाएगा।
बीआरएस नेताओं के अनुसार, विलय से बीआरएस को फैलने में मदद मिलेगी, क्योंकि राज्य के हर जिले में पहले से ही एक सेट-अप है। 2018 के चुनाव में पार्टी ने सात सीटों पर जीत हासिल की थी। हालांकि, सूत्रों ने कहा कि जोगी कांग्रेस अस्तित्व के लिए जूझ रही है। पार्टी ने अपने ग्रुप को एक साथ रखने के लिए बीआरएस के साथ जाने वाली है।
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री ने 21 जून 2016 को अपनी पार्टी का गठन किया था। माना जा रहा है कि अमित जोगी उसी दिन बीआरएस में विलय की घोषणा कर सकते हैं।












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