तेलंगाना: '2BHK योजना के तहत सरकार घर तो दे रही, लेकिन गुववत्ता बेहद खराब', बोले लाभार्थी
तेलंगाना के महबूबनगर विधानसभा क्षेत्र काफी चर्चा में आ गया है। इस विधानसभा क्षेत्र के लोग अपना घर बनाने की इच्छा संजोए रखे हैं। खासतौर से यहां के लोग खराब इंफ्रास्ट्रक्चर और बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहे हैं।
सपनों और आकांक्षाओं से भरे इस शहर के लोग विकास की बांट जोह रहे हैं। लोग अपने लिए आवास बनाने की इच्छा रखते हैं। एक घर का मालिक होने का सपना इस समुदाय में कई लोगों के लिए लंबे समय से एक सपना रहा है।

हालांकि, के चन्द्रशेखर राव सरकार द्वारा शुरू की गई परिवर्तनकारी 2बीएचके आवास योजना के तहत एक हजार से अधिक परिवारों के सपनों को हकीकत में बदला है। इस महत्वाकांक्षी प्रयास के कार्यान्वयन से एक कड़वी सच्चाई सामने आती है।
जबकि इस योजना ने सफलतापूर्वक एक हजार से अधिक परिवारों को आवास प्रदान किया है। 1024 2बीएचके घरों का निर्माण किया गया है।
लोगों के सपने पूरे होने में एक मोड़ आ गया, क्योंकि इन परिवारों को अपने नए घरों में आने वाली समस्याओं को दूर करने के लिए अपनी जेबें ढीली के लिए मजबूर होना पड़ा।
अतिरिक्त वित्तीय बोझ ने उन लोगों के उत्साह को कम कर दिया। जिन्होंने अपने नए घर की उम्मीद थी। जिससे आवास पहल से जुड़ी जटिलताएं और बाधाएं सामने आईं।
2बीएचके आवास योजना के लाभार्थी गुंडू राव ने बताया कि सरकार द्वारा घर सौंपे जाने के बाद अधिकांश लाभार्थियों को घरों में समस्याओं को ठीक करना पड़ा। घरों की गुणवत्ता इतनी खराब थी कि नुकसान की भरपाई के लिए हमें अपनी जेब से लाखों रुपये खर्च करने पड़े।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार या ठेकेदार ने इस घर को बनाने में जितना पैसा खर्च किया, उससे कहीं अधिक पैसा हमने मरम्मत कार्यों पर खर्च किया। इस घर को ठीक कराने में 10 लाख खर्च किए।
उन्होंने आगे कहा कि हमें खुशी है कि सरकार मुफ्त 2बीएचके घर उपलब्ध करा रही है, लेकिन गुणवत्ता खराब है। उन्होंने सिर्फ दीवारें खड़ी की हैं और घर में कुछ भी नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि ऊंची दरों के कारण आम आदमी के लिए महबूबनगर में प्लॉट खरीदना मुश्किल था।












Click it and Unblock the Notifications