तेलंगाना: बीजेपी-जनसेना के गठबंधन से भाजपा उम्मीदवार बेचैन, पार्टी कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन
भाजपा नेता गज्जला योगानंद के समर्थकों ने गुरुवार को बीजेपी स्टेट ऑफिस में विरोध प्रदर्शन किया और पार्टी आलाकमान से सेरिलिंगमपल्ली सीट जन सेना को आवंटित नहीं करने की मांग की।
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष जी किशन रेड्डी ने स्थानीय नेताओं के तर्कों को स्वीकार नहीं किया, जिसके कारण कुतुबुल्लापुर, सेरिलिंगमपल्ली, जुबली हिल्स और ग्रेटर हैदराबाद के अन्य निर्वाचन क्षेत्रों के कई नेताओं ने बीआरएस में शामिल होना शुरू कर दिया है।

गठबंधन के खिलाफ रहे नेताओं ने दावा किया कि इस कदम से पार्टी को किसी भी तरह से फायदा नहीं होगा, क्योंकि जेएसपी की तेलंगाना में मजबूत उपस्थिति नहीं है। दरअसल, कई नेताओं की राय है कि अगर बीजेपी ने जेएसपी के साथ गठबंधन किया, तो पवन कल्याण बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हावी होने की कोशिश करेंगे। जिससे पार्टी पदाधिकारियों के बीच समन्वय प्रभावित होगा।
बीजेपी नेता ने कहा कि जेएसपी के पास आंध्र प्रदेश में बहुत सारे कैडर हैं फिर भी पार्टी 2018 के चुनावों में केवल एक सीट जीतने में सफल रही। पवन कल्याण अपनी दोनों सीटें हार गए। वह तेलंगाना में क्या कर सकते हैं जहां उनकी पार्टी की कोई मजबूत पकड़ नहीं है?
सीट बंटवारे के मुद्दे पर चर्चा के लिए जी किशन रेड्डी और पवन कल्याण ने बुधवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का एक घटक जेएसपी पहले ही कह चुका है कि वह तेलंगाना में 32 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। बताया जा रहा है कि बीजेपी उन्हें 10 सीटें देने पर राजी हो गई हैं।
कई निर्वाचन क्षेत्र हैं, जहां जेएसपी अपना उम्मीदवार उतारना चाहती है। ये सीटें ज्यादातर शहरी क्षेत्रों की हैं। खासकर हैदराबाद और उसके आसपास के निर्वाचन क्षेत्र। जिनमें कुकटपल्ली, उप्पल, एलबी नगर, मल्काजगिरी, सेरिलिंगमपल्ली, मेडचल, पाटनचेरु, कुतुबुल्लापुर और सनथनगर निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।












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