तेलंगाना कांग्रेस में 'आंतरिक कलह' से रुका कांग्रेस कैडिंडेट्स का चयन, जानिए बड़ी वजह
तेलंगाना विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस कैंडिडेडेट्स के नाम अब तक घोषित नहीं किए गए हैं। स्क्रीनिंग कमेटी ने अंतिम सूची केंद्रीय चुनाव समिति को भेजने से पहले एक बार फिर बैठक करने का निर्णय लिया है। ऐसे में पार्टी के आंतरिक सामंजस्य को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि विधानसभा चुनाव नजदीक आने के बावजूद स्क्रीनिंग कमेटी के नेताओं के बीच मतभेद के कारण कांग्रेस के भीतर उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट करने की प्रक्रिया कभी न खत्म होने वाली प्रक्रिया बन गई है।
तेलंगाना विधानसभा चुनाव को लेकर भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने अगस्त में 119 में से 115 सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। लेकिन कांग्रेस ने अब तक कैंडिडेट्स के नाम फाइनल नहीं किए हैं। हालांकि रविवार (9 अक्टूबर) को नई दिल्ली में स्क्रीनिंग कमेटी की नौ घंटे तक बैठक चली। ऐसे में अब कयास लगाए जा रहे हैं कि पार्टी के बीच मतभेद बढ़ गए हैं, ऐसे में कैंडिडेट्स के नाम पर आम सहमति नहीं बन पा रही।

माना ये जा रहा है कि स्क्रीनिंग कमेटी ने केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) को अंतिम सूची भेजने से पहले एक बार और बैठक करने का फैसला किया है। सूत्रों के मुताबिक बैठक के दौरान तनाव बढ़ गया। टीपीसीसी प्रमुख ए रेवंत रेड्डी और उनके लोकसभा सहयोगियों, कोमाटिरेड्डी वेंकट रेड्डी और एन उत्तम कुमार रेड्डी के बीच तीखी बहस हुई।
दरअसल, ए रेवंत रेड्डी ने बैठक के दौरान कुछ क्षेत्रों में कैंडिडेट्स के नामों के लेकर एक तरफा बदलाव पर चर्चा करना चाही। वहीं कुछ कांग्रेस सदस्यों ने टीपीसीसी के फैसले पर आपत्ति जताई। कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी की इस बैठक में एआईसीसी के तेलंगाना प्रभारी माणिकराव ठाकरे, सांसद एन उत्तम कुमार रेड्डी, अभियान समिति के अध्यक्ष मधु यास्खी के अलावा सीईसी के तीन अन्य सदस्य भी शामिल हुए।
वहीं अब कांग्रेस इस विवाद को अंदरखाने सुलझाने में लगा है। स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष और सांसद के मुरलीधरन ने रेवंत की सिफारिशों के संबंध में उनकी राय और आपत्तियां जानने के लिए सदस्यों के साथ अचानक एक-एक बैठक बुलाई है।












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